कलेक्टर कार्यालय में बैठकों का दौर: 94% घरों में नल कनेक्शन, भूमिहीन पट्टा सर्वे में तेजी

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पांढुर्णा के विकास को लेकर मंथन: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सलाहकार समिति गठित, जल मिशन की शानदार उपलब्धि

 

संवाददाता- निलेश कलसकर जिला ब्युरो चिफ जिला पांढुरना म. प्र.

 

पांढुर्णा/12 दिसंबर 2025। पांढुर्णा जिले में आज विकास कार्यों को गति देने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर कार्यालय में बैठकों का सघन दौर चला। जिले की प्रगति को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

जिला विकास सलाहकार समिति का गठन

पांढुर्णा के समग्र विकास के लिए मध्यप्रदेश शासन, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के निर्देशानुसार ‘जिला विकास सलाहकार समिति’ का गठन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गठित इस समिति में प्रभारी मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (उपाध्यक्ष) सहित सांसद, विधायक, स्थानीय निकायों के अध्यक्ष और उद्योग, कृषि, चिकित्सा समेत विभिन्न क्षेत्रों के 20 विशेषज्ञ प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ (सदस्य-सचिव) ने बताया कि यह समिति जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएं तैयार करेगी। इसका मुख्य फोकस स्थानीय कौशल को ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत बढ़ावा देना और रोजगार सृजन के रोडमैप पर रहेगा।

जल जीवन मिशन में पांढुर्णा अव्वल

कलेक्टर श्री वशिष्ठ की अध्यक्षता में हुई जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति को लेकर खुशी जाहिर की गई। पीएचई विभाग ने बताया कि जिले के कुल 61,779 परिवारों में से 58,466 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जो कि 94.65% का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। कलेक्टर ने शेष कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय सीमा में पूरा करने और ग्रीष्म ऋतु के लिए पेयजल संकट निवारण की तैयारी तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए।

विभागीय योजनाओं की समीक्षा

इसके अतिरिक्त, श्रीमती लता बाई तुमड़ाम की अध्यक्षता में सामान्य सभा एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रमुख विभागों (विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, वन, कृषि) की योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में सामने आया कि बाँस रोपण योजना का अपेक्षित लाभ हितग्राही नहीं ले रहे हैं। सभा में टेमनीशाहनी एवं सेंदूरजना जलाशय को 10 वर्ष की लीज पर मत्स्य पालन हेतु देने का प्रस्ताव भी विचार-विमर्श के लिए रखा गया।

भूमिहीन पट्टा सर्वे में पारदर्शिता के निर्देश

एसडीएम श्रीमती अलका एक्का ने कलेक्टर के निर्देश पर भूमिहीन व्यक्तियों को पट्टे दिए जाने के लिए चल रहे सर्वे कार्य की समीक्षा की। उन्होंने सर्वेक्षण दल को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमिहीन पात्र व्यक्तियों की पहचान का कार्य अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए सर्वे पूर्ण पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ समय सीमा में पूरा किया जाए।

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