मोहदा जलाशय की नहरें जर्जर—कचरे से पटा नहर, जल संसाधन विभाग कुंभकरण की नींद में!

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रबी सीजन में पानी की किल्लत का गहराता खतरा, किसान बढ़ती चिंता में

 

खमोद चन्देल जिला ब्यूरो डिंडोरी

 

डिंडोरी –

मोहदा जलाशय से निकलने वाली मुख्य नहरों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। नहरें जगह-जगह क्षतिग्रस्त (जर्जर) हो गई हैं, जबकि कई स्थानों पर नहरों में कचरे का ढेर जमा होने से पानी का प्रवाह गंभीर रूप से बाधित है। इसके बावजूद जल संसाधन विभाग की ओर से अब तक किसी प्रकार की साफ-सफाई या मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है।

 

स्थानीय किसानों ने बताया कि इस समय जब रबी सीजन की तैयारी चल रही है और खेतों में सिंचाई के लिए पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, विभाग की यह लापरवाही आने वाले दिनों में किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।

 

🛑 कचरे से अटी नहरें, मरम्मत की मांग महीनों से लंबित

 

ग्रामीणों के अनुसार नहरों में प्लास्टिक, झाड़-झंखाड़, मिट्टी और गाद इतनी अधिक मात्रा में जमा है कि कई जगह पानी का रास्ता लगभग बंद हो चुका है। नहरें टूट-फूट का शिकार हैं, लेकिन विभाग की ओर से कई महीनों से कोई भी रखरखाव कार्य नहीं हुआ है।

 

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग की उदासीनता के कारण जलाशय का पानी खेतों तक ठीक तरह से नहीं पहुँच पाएगा।

 

🗣️ किसानों की नाराजगी—“विभाग सो रहा है, फसलें सूख जाएंगी”

 

मोहदा और आसपास के क्षेत्रों के किसानों ने बताया:

 

“रबी सीजन में पानी की अत्यधिक जरूरत होती है। नहरों की यह हालत देखकर साफ है कि विभाग पूरी तरह लापरवाह है। अगर जल्द सफाई और मरम्मत नहीं हुई तो हमारी फसलें बर्बाद हो जाएँगी।”

 

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो वे विभाग और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

 

⚠️ रबी सीजन पर संकट के बादल

 

रबी फसलों—गेहूँ, चना, मसूर और सरसों—के लिए पर्याप्त सिंचाई आवश्यक है। नहरों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगले कुछ हफ्तों में किसानों को पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

 

किसानों ने जल संसाधन विभाग से तत्काल नहरों की सफाई, क्षतिग्रस्त भागों की मरम्मत और जलप्रवाह को सुचारू करने की मांग की है।

 

-सहायक यंत्री का कहना है एक-दो दिन में कार्य चालू हो जाएंगे मरम्मत किया जा रहा है

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