डिंडौरी जिले के बजाग ब्लॉक अंतर्गत गीधा ग्राम पंचायत में आयोजित कृषक पाठशाला में प्राकृतिक खेती पर दिया प्रशिक्षण

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रिपोर्टर सोहन श्याम बजाग डिंडौरी

 

बजाग — आत्मा परियोजना के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

 

डिंडौरी जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आत्मा परियोजना, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के द्वारा ग्राम पंचायत गीधा, विकासखंड बजाग में कृषक पाठशाला सह प्राकृतिक खेती जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों ने प्राकृतिक कृषि पद्धति, मृदा स्वास्थ एवं जैविक खाद के महत्व को विस्तार से समझा।

मृदा परीक्षण प्रयोगशाला से विशेषज्ञों ने दी तकनीकी जानकारी

मृदा परीक्षण प्रयोगशाला डिंडौरी से आए विशेषज्ञ श्री जगदीश बिसेन ने किसानों को मृदा नमूना लेने की वैज्ञानिक विधि, मृदा परीक्षण के बाद पोषक तत्वों के अनुसार जैविक खाद के उपयोग तथा जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि स्वस्थ मिट्टी ही प्राकृतिक खेती की मजबूत नींव है।

प्राकृतिक खाद, बीजामृत–जीवामृत एवं कीटनाशक बनाने की विधि बताई

आत्मा परियोजना के BTM अशोक कुमार कोरी ने किसानों को प्राकृतिक खेती की अवधारणा, इसके लाभ एवं भविष्य में संभावनाओं के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बीज उपचार हेतु बीजामृत, भूमि उर्वरता बढ़ाने के लिए जीवामृत, तथा प्राकृतिक कीट नियंत्रण हेतु देसी विधियों से जैविक कीटनाशक बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। किसानों को इन प्राकृतिक उत्पादों के प्रयोग एवं लाभ की विस्तृत जानकारी दी गई।

6250 किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य

ज्ञातव्य है कि डिंडौरी जिले को शासन द्वारा प्राकृतिक खेती के विस्तार हेतु चिन्हांकित किया गया है। जिले में 6250 किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़कर उनके उत्पादों की ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग को बढ़ावा देने की योजना प्रस्तावित है, जिससे किसान बेहतर आय और टिकाऊ कृषि मॉडल अपना सकेंगे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और प्राकृतिक खेती को अपनाने में गहरी रुचि व्यक्त की।

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