जबलपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: सौरभ हत्याकांड में मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास
पनागर हत्या प्रकरण में चार दोषी करार, मुख्य आरोपी को लाइफ इम्प्रिज़नमेंट, तीन को 5-5 वर्ष की सजा
जबलपुर। अपर सत्र न्यायाधीश श्री अभिषेक सक्सेना की अदालत ने थाना पनागर के चर्चित हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी जितेंद्र भूमिया को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही आयुध अधिनियम की धारा 25(1-B) में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
इसी प्रकरण में आरोपीगण अभिषेक ठाकुर, पूजा गौड़ और कौशल्या बाई रजक को धारा 115 आईपीसी के तहत 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। जबकि आरोपी नित्तू उर्फ कपूरासिंह गोंड को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
घटना का विवरण
फरियादी समीर श्रीपाल ने 19 नवंबर 2023 की रात थाना पनागर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहा था, तभी कसही कॉलोनी चौराहे के पास उसने देखा कि अपचारी बालक, अभिषेक ठाकुर, पूजा गौड़ और कौशल्या रजक डंडों से सौरभ श्रीपाल की पिटाई कर रहे थे। तभी गांव का जित्तू भूमिया चाकू लेकर वहां पहुंचा और सौरभ पर पेट व सीने में वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल सौरभ को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फरियादी व उसके साथी को भी रोकने पर डंडों से चोट पहुंचाई गई थी। घटना के बाद आरोपी नहर की ओर भाग गए। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।
अभियोजन की भूमिका
उपनिदेशक (अभियोजन) श्री विजय कुमार उइके और सहायक निदेशक/प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती स्मृतिलता बरकड़े के निर्देशन में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती बविता नागदेव ने प्रकरण में प्रभावी पैरवी की। उनके तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी पाया और सजा सुनाई।
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