पाथर खेड़ा, जमुना कॉलरी में चल रहे रामलीला कार्यक्रम का कलाकारों के शानदार अभिनय के साथ हुआ समापन*

*रिपोर्ट- नेशनल ब्यूरो चीफ राकेश शर्मा*
अनूपपुर जिले के जमुना कॉलरी, पाथर खेड़ा- वार्ड नंबर 5 में चल रहे रामलीला मंचन में कलाकारों ने अपने जीवंत और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। मंचन के दौरान कलाकारों द्वारा राम जन्म, मुनि आगमन ताड़का वध, धनुष यज्ञ (राम-सीता स्वयंबर), लक्ष्मण परशुराम संवाद, वनगमन, सीता हरण,खरदूषण त्रिसरा बध,राम सुग्रीव मित्रता, बाली वध, सेतुबंध रामेश्वर पूजा,लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण वध, मेघनाथ वध, प्रसंग जैसी प्रमुख घटनाओं को बड़ी निष्ठा और सजीव प्रस्तुति के साथ प्रदर्शित किया गया।
रामलीला कार्यक्रम में अभिनय के तौर पर सभी कलाकार जहाँ ऑलराउंडर नजर आते हैं वहीं व्यास गद्दी की बागडोर संभाल रहे भोलू राम जी की वाणी ने पूरे कार्यक्रम को एक सूत्र में पिरोने का बखूबी काम किया है। जितेंद्र कुमार राम की भूमिका तथा जयप्रकाश ने लक्ष्मण एवं आलोक ने सीता का जानदार आदर्श अभिनय कर चर्चा में बने हुए हैं। संचालक एवं महंत पुष्पराज चौरसिया ने तो रावण के रूप में अपने आदर्श अभिनय से सभी का दिल जीत लिया। ढोलक मास्टर तथा परिपक्व कलाकार वेद महाराज जी भी किसी से पीछे नहीं रहे। विनय कुमार चौरसिया जी ने कुंभकरण का जीवंत रोल अदा किया। नीरज कुमार जी ने मेघनाद के रोल में उतरकर राक्षसों की उपस्थिति का एहसास कराया। संदीप कुमार जी ने हनुमान की भूमिका में खूबसूरत प्रस्तुति दी। राम जी ने पैड मास्टर के रूप में ढोलक का बढ़िया साथ दिया। रिंकू कुमार ने विश्वामित्र तो सहसराम ने दशरथ की भूमिका के रूप में अपना योगदान दिया।
रामलीला के संचालक एवं महंत पुष्पराज चौरसिया गड़बड़ा धाम, मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) द्वारा आकर्षक मंचीय साज सज्जा, और ध्वनि प्रणाली ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। दर्शकों द्वारा तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का खूब उत्साहवर्धन किया गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह रामलीला बीते वर्षों की तुलना में अधिक प्रभावशाली और भावनात्मक है। रामलीला मंचन का उद्देश्य नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों और मूल्यों से परिचित कराना है। रावण वध तथा राम राज्याभिषेक के साथ रामलीला कार्यक्रम का 18 नवंबर 2025 को विधिवत समापन हुआ। राम राज्याभिषेक के अवसर पर उपस्थित दर्शक आत्मबिभोर होकर झूमते हुए नजर आए।