चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज प्रकरण में पत्नी की कुल्हाडी मारकर हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास एवं 2000 रूपये अर्थदण्
न्यायालय श्रीमान ओमप्रकाश रजक अपर सत्र न्यायाधीश पाटन, जिला जबलपुर के द्वारा चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज सत्र प्रकरण क्र. 569/2023 थाना शहपुरा के अपराध क्रमांक 400/2023 में अभियुक्त कमलेश ऊर्फ केरी ऊर्फ करिया पिता होरीलाल चौधरी, उम्र- 47 वर्ष, निवासी- वार्ड नंबर-12, नया मोहल्ला ग्राम खैरी, थाना शहपुरा जिला जबलपुर को धारा 302 भादवि में आजीवन करावास एवं 2000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।
अभियोग पत्र अनुसार मामला इस प्रकार है कि दिनांक 18.08.2023 को आरोपी की पुत्री गोल्डी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शहपुरा, आरक्षी केन्द्र शहपुरा, जिला जबलपुर में इस आशय की देहाती नालसी व देहाती मर्ग इंटीमेशन लेख कराई कि, उसका पिता आरोपी कमलेश लगभग 01 माह पूर्व से उसकी अर्थात गोल्डी की मां रेखा के चरित्र पर संदेह कर प्रतिदिन लड़ाई-झगड़ा करता था। दिनांक 18.08.2023 को समय प्रातः करीब 09:00 बजे, वार्ड नंबर-12 नया मोहल्ला ग्राम खैरी, आरक्षी केन्द्र शहपुरा, जिला जबलपुर के अंतर्गत स्थित अपने मकान में वह अर्थात् सूचनाकर्ता गोल्डी, उसकी छोटी बहन अंजली और उनकी मां रेखा एक साथ घर में कमरे में सो रहे थे तथा उसका बड़ा भाई बंटी काम करने गया था तथा उनके घर में उसका पिता आरोपी कमलेश भी था, उसी दौरान उसके पिता आरोपी कमलेश ने कुल्हाड़ी से मां रेखा के सिर में मार दिया जिससे रेखा के सिर में दो जगह गहरे घाव बन गये, जिसके पश्चात् वे लोग रेखा को अस्पताल लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में ही रेखा की मृत्यु हो गई है। गोल्डी के द्वारा लेख कराई गई देहाती नालिस तथा देहाती मर्ग इंटीमेशन के आधार पर आरक्षी केन्द्र कटंगी में अप्राकृतिक मृत्यु संख्या 0044/2023 दर्ज की गई।
मर्ग जांच के अनुकम में घटनास्थल का नक्शा बनाया गया और मृतिका के शव का नक्शा पंचायतनामा की कार्यवाही करने के लिए साक्षीगण को सूचना पत्र जारी किया गया और साक्षीगण के समक्ष मृतिका के शव का नक्शा पंचायतनामा बनाया गया।
मृतिका की मृत्यु का वास्तविक कारण ज्ञात करने के लिए मृतिका के शव को परीक्षण हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शहपुरा भेजा गया, जहां डॉक्टर ज्योति बघेल ने मृतिका के शव का परीक्षण कर शव परीक्षण प्रतिवेदन जारी किया। शव परीक्षण उपरांत मृतिका का शव उसके पुत्र बंटी को सुपुर्दनामा अनुसार सुपुर्द किया गया। आरोपी के विरूद्ध आरक्षी केन्द्र शहपुरा में प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख की जाकर अपराध क्रमांक 400/2023 अंतर्गत धारा 302 भा०दं०वि० पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के अनुकम में गोल्डी, अंजली, ममता, खोबूलाल, बंटी, हीरालाल, सविता, भगवानदास, राधा, भागवती उर्फ भग्गो, पन्ना, केतकी, राहुल, अखिलेश तथा आशू उर्फ आशुतोष के पुलिस कथन लेख किए गए। दौरान विवेचना अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक एस एल वर्मा एवं सहायक उप निरीक्षक कल्याण सिंह के द्वारा की गई। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। उपसंचालक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उइके के मार्गदर्शन में अभियोजन की ओर से श्री संदीप जैन विशेष लोक अभियोजक के द्वारा मामले में सशक्त पैरवी करते हुये कुल 13 अभियोजन साक्षियो को परीक्षित कराया गया।
श्री संदीप जैन विशेष लोक अभियोजक के तर्को से सहमत होते हुए न्यायालय श्रीमान ओमप्रकाश रजक अपर सत्र न्यायाधीश पाटन, जिला जबलपुर के द्वारा अभियुक्त को को आजीवन कारावास एवं 2000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।