सिहावल में किसानों की फसल पर बारिश का कहर — खेत बने तालाब, मेहनत हुई पानी में विलीन

0 729

प्राइड इंडिया न्यूज़ रिपोर्ट : शाहिद ख़ान, सिहावल से

 

सिहावल विधानसभा क्षेत्र और आसपास के अंचल के किसानों पर आसमान ने जैसे कहर बरपा दिया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी वर्षा ने न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त किया है, बल्कि किसानों की मेहनत को भी पानी में बहा दिया है। खेतों में जहां कभी सुनहरी धान की बालियाँ लहराती थीं, वहाँ अब चारों ओर पानी का सैलाब है — मानो धरती ने अपनी पीड़ा आँसुओं में बहा दी हो।

 

किसानों के चेहरों पर मायूसी की लकीरें हैं। जिन हाथों ने पूरे वर्ष मिट्टी को सोना बनाया, वे अब अपनी मेहनत का यह हश्र देखकर असहाय खड़े हैं। कई जगहों पर खेत पूरी तरह डूब चुके हैं, धान की फसल गल रही है, और रबी की बुवाई की संभावनाएँ भी धुंधली पड़ती जा रही हैं।

 

यह सिर्फ फसलों का नुकसान नहीं, बल्कि उम्मीदों का डूबना है।

किसानों की आँखों में वह मौन सवाल है — क्या हमारी मेहनत का मोल सिर्फ सर्वे रिपोर्टों तक सीमित रह जाएगा?

 

क्षेत्र की जनता और किसान संगठनों ने सिहावल विधायक श्री विश्वामित्र पाठक एवं प्रशासन से माँग की है कि इस त्रासदी को सिर्फ आंकड़ों में न तौला जाए, बल्कि जमीनी हकीकत देखकर उचित सर्वे कराया जाए। प्रभावित किसानों को त्वरित राहत एवं मुआवज़ा मिले, और जहाँ-जहाँ पानी भर गया है वहाँ शीघ्र जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि आने वाली रबी फसल बच सके।

 

कृषक केवल अन्नदाता नहीं, इस भूमि के प्राण हैं।

उनकी पीड़ा केवल खेतों की नहीं — यह पूरे प्रदेश की आत्मा की वेदना है।

सरकार से अपेक्षा है कि वह इस कठिन समय में किसानों के साथ खड़ी होकर उन्हें राहत, सम्मान और भरोसा — तीनों दे |

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment