शिक्षक शिव प्रसाद दुबे की मानसिक स्थिति पर उठे सवाल पुत्री ने कलेक्टर से लगाई सम्पति की सुरक्षा की गुहार

0 230

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट

 

परिजनों पर लगाया संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप, कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग

 

डिण्डौरी

जिले के विक्रमपुर निवासी शिक्षक शिवप्रसाद दुबे के परिवार में संपत्ति को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। उनकी बड़ी पुत्री दीक्षा तिवारी ने जनसुनवाई केन्द्र, कलेक्टर डिण्डौरी को आवेदन देकर पिता की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है और संपत्ति के अनुचित हस्तांतरण पर रोक लगाने की मांग की है।

दीक्षा तिवारी ने अपने आवेदन में बताया कि उनके पिता शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं, लेकिन बीते कुछ समय से उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इस कारण कुछ लोग उनकी असामान्य स्थिति का लाभ उठाकर उनकी संपत्तियों को हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिता द्वारा तीसरी शादी के लिए सहायक आयुक्त डिण्डौरी को अनुमति पत्र भेजा गया है, जबकि वे पहले से विवाहित हैं और उनके संतान मे दो लडकी जिन्दा हे

आवेदिका ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता द्वारा कुछ दस्तावेजों में अपने जीवित बच्चों को “मृत” घोषित किया गया है, जो एक बड़ा कदाचार है। साथ ही, संपत्ति के नामांतरण और विक्रय में बाहरी लोगों की संलिप्तता दिखाई दे रही है।

दीक्षा तिवारी ने बताया कि शिवप्रसाद दुबे के नाम पर निम्नलिखित संपत्तियाँ हैं —

1. डिण्डौरी के खनूजा कॉलोनी में शिवप्रसाद के नाम पर मकान,

2. पोस्ट ऑफिस के पास उनकी पत्नी गीता दुबे के नाम पर मकान,

3. ग्राम विक्रमपुर में शिवप्रसाद दुबे के नाम पर मकान,

4. ग्राम गनेशपुर में गीता दुबे एवं शिवप्रसाद दुबे के अलग -अलग नाम पर भूमि दर्ज है ।

उन्होंने आरोप लगाया कि रमेश दुबे पिता जगदीश दुबे नामक व्यक्ति ग्राम विक्रमपुर द्वारा परिवार पर मानसिक कलह पैदा कर पत्नी को मारपीट करवा के घर से भगा दिये और तीसरी शादी का संरक्षण देकर संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। दीक्षा तिवारी ने कहा कि उनकी माता गीता दुबे ने पूर्व में भी इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय डिण्डौरी में शिकायत दी थी, जिसका मामला पुलिस परामर्श केन्द्र डिण्डौरी मे चल रहा परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिससे लगातार बीबी । बच्चों के भविष्य से खिलवाड किया जा रहा है

 

आवेदिका ने कलेक्टर से मांग की है कि —

 

उनके पिता की मानसिक स्थिति की चिकित्सकीय जांच कराई जाए,

 

उनकी किसी भी संपत्ति का विक्रय या नामांतरण परिवार के सहमति के बिना न किया जाए,

 

संपत्ति में पुत्री का वैधानिक अधिकार सुरक्षित रखा जाए,

 

और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।

जनसुनवाई में प्रस्तुत आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक डिण्डौरी तथा सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग डिण्डौरी को भी भेजी गई है।

 

स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह मामला न केवल पारिवारिक विवाद बल्कि संपत्ति के दुरुपयोग और मानसिक शोषण से जुड़ा प्रतीत होता है। प्रशासन द्वारा अब इस प्रकरण की जांच प्रारंभ किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment