सीधी जिले में 7 साल से लापता नाबालिग को ढूंढकर परिवार से मिलवाया, परिजनों में खुशी के छलक पड़े आंसू; 

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सीधी जिले की कुसमी पुलिस ने बुधवार को 7 साल पहले लापता हुए एक नाबालिग बालक को ढूंढ़कर उसके परिवार से मिलवाया। जिससे परिजनों में खुशी का माहौल है। बालक साल 2018 से लापता था।

 

कुसमी थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी के मार्गदर्शन और पोड़ी चौकी प्रभारी डी. के. रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस मामले में कार्रवाई की। पुलिस ने बताया कि साल 2018 में थाना कुसमी में पुष्पराज सिंह (13), पिता सोमेश्वर सिंह,निवासी ग्राम कमछ, चौकी पोड़ी के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

 

साल 20218 में बिना बताए घर से निकला था

 

पुष्पराज 2018 में अपने गांव कोडार से बिना बताए घर से निकला था। वह भदौरा रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर कटनी पहुंचा। वहां से वह गुजरात चला गया और लगभग एक महीने तक रहा। इसके बाद वह मेरठ चला गया, जहां उसने करीब छह वर्षों तक काम किया। हाल ही में वह भोपाल और इंदौर पहुंचा था, जहां एमपी नगर स्थित एक होटल में कार्यरत था।

 

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परिवार वालों ने पुलिस का आभार व्यक्त कर खुशी जताई।

 

पुलिस टीम ने लगातार प्रयासों के बाद बालक का पता लगाया और उसे सुरक्षित हिरासत में लिया। चौकी प्रभारी डी. के. रावत ने बताया कि बालक की पहचान उसकी मां और भाईकी उपस्थिति में पुराने निशानों और विशेष चिन्हों से कराई गई। पुष्पराज की मां ने उसे अपना बेटा बताया, और भाई पुष्पेंद्र सिंह ने भी इसकी पुष्टि की।

 

इसके बाद पुलिस ने पहचान पंचनामा, दस्तयाबी पंचनामा और सुपुर्दगी पंचनामा तैयार कर बालक को उसके परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने पुलिस को इसके लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि 7 साल बाद उनका बेटा सकुशल लौट आएगा। कुसमी थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी ने बताया कि गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश पुलिस की प्राथमिकता है, और पोड़ी चौकी की टीम ने इस मामले में उत्कृष्ट कार्य किया है।

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