प्रसव के दौरान फर्श पर गिरा नवजात शिशु सर में आई गंभीर चोट उपचार के दौरान हुई मौत
प्रसव के दौरान फर्श पर गिरा नवजात शिशु सर में आई गंभीर चोट उपचार के दौरान हुई मौ

सीधी/ मध्य प्रदेश
प्राईड इंडिया न्यूज़ संवाददाता सूरज केवट की खास रिपोर्ट मोबाइल नंबर 9589188659
आनन-फानन हरकत में आए डॉक्टर, आईसीयू में भर्ती के बाद भी नहीं बची जान
जिला चिकित्सालय में अव्यवस्था की सर्वाधिक शिकायतें सुनने को मिलती हैं लेकिन जन प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अमलों की अनदेखी की वजह से समस्याओं का निदान अभी तक नहीं हो पा रहा है। ऐसा ही एक मामला फिर सामने आया है जहां कि जिला अस्पताल के लेबर रूम में प्रसव के दौरान नर्सों की लापरवाही से नवजात के फर्स में गिरने से उसकी हालत नाजुक हो गई और आईसीयू में उपचार शुरू होने के बाद भी आखिर उसे बचाया नहीं जा सका।
जानकारी के अनुसार बताया गया कि लेबर वार्ड में नर्सों की लापरवाही से नवजात शिशु फर्स पर गिर गया। इस मामले को लेकर आरोप लगाते हुए शहर के वार्ड क्रमांक 14 कोटहा निवासी दीपू प्रजापति ने बताया कि उसके चचेरे भाई की पत्नी गुडिया प्रजापति को प्रसव वेदना पर जिला अस्पताल में 28 नवंबर 2024 को सुबह 10 बजे भर्ती कराया गया था। लेबर रूम में इसी दिन शाम करीब 4:30 बजे नार्मल डिलेवरी हो रही थी
वहीं उसी दौरान लेबर रूम में प्रसूता की देवरानी श्यामकली प्रजापति पहुंची। उसे नसों द्वारा भगाया जा रहा था। उसी समय डिलेवरी हुई और नर्सों की लापरवाही से नवजात शिशु फर्स में नीचे गिर गया। नवजात के फर्स में गिरते ही वहां मौजूद श्यामकली प्रजापति ने दौड़कर उठाया। नर्सों द्वारा उसके हांथ से जल्द ही नवजात को अपने हांथ में ले लिया गया और श्यामकली को बाहर कर दिया गया। फर्स में गिरने पर नवजात
शिशु के नाक एवं आसपास चोटे आने से वह रक्त रंजित हो गया। बाद में नवजात शिशु को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया।
आईसीयू में भर्ती नवजात को देखने के लिए उसके पिता रावेन्द्र प्रजापति को कुछ समय के लिए अनुमति दी जाती थी। परिजनों के अनुसार 29 नवंबर को दोपहर करीब 1 बजे उन्हें आईसीयू में बताया गया कि तुम्हारे बच्चे की हालत काफी नाजुक है। वह नीला पड़ रहा है। इसके बाद रावेन्द्र प्रजापति को भी बाहर कर दिया गया। रात करीब 8:30 बजे फिर आईसीयू में रावेन्द्र प्रजापति को
नर्सों की लापरवाही से गिरा बच्चाः श्यामकली
श्यामकली प्रजापति का कहना था कि जिस दौरान गुडिया प्रजापति को प्रसव हो रहा था वह लेबर रूम में ही मौजूद थी। प्रसव के दौरान पानी के तेज प्रेशर के साथ जब बच्चा बाहर आया तो नर्से खुद को पानी से बचाने के लिए दूर चली गईं और नवजात फर्स में जा गिरा। जिस स्थान पर बच्चा गिरा वहां लोहे की सरिया भी रखी थीं जिसके चलते बच्चे के चेहरे में चोटे आई। श्यामकली ने कहा कि वह यह नजारा देखकर खुद को नहीं रोक सकी और दौड़कर उस स्थान में पहुंची जहां बच्चा गिरा हुआ था। बच्चे को उसने उठाया तभी वहां मौजूद नर्स ने बच्चे को अपने हांथ में ले लिया और उसे कमरे से बाहर कर दिया गया।
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