दो स्टार वाली वर्दी, अशोक स्तंभ और बिहार पुलिस का लोगो, कोई भी असली दारोगा समझेगा, मगर हुआ अरेस्ट और गया जेल

कुमार भास्कर
मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक फर्जी दारोगा को गिरफ्तार किया है. आरोपी जलेबिया मोड़ के पास वर्दी का रौब दिखाकर वसूली कर रहा था. पुलिस ने उसके पास से दो स्टार वाली वर्दी, बिहार पुलिस का लोगो, अशोक स्तंभ लगा हुआ ब्राउन रेड कलर का बेल्ट, नेम प्लेट बरामद किया है और उसे जेल भेज दिया है
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां थाना क्षेत्र के शर्कुद्दीनपुर में वाहन चेकिंग कर रहे एक फर्जी दारोगा को पुलिस ने गिरफ्तार किया. थाने लाकर पूछताछ में उसने अपना नाम श्रवण कुमार और बोचहां के रोशी का रहने वाला बताया. पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. मामले में एएसआई निहाल रंजन कुमार के बयान पर आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
मुजफ्फरपुर पूर्वी के एडिशनल एसपी सहरियार अख्तर ने बतया कि सूचना मिली कि एक व्यक्ति अपने को दारोगा बता गाड़ियों से वसूली कर रहा है. गश्ती दल को मौके पर भेजा गया तो पुलिस को देखते आरोपित भागने लगा. खदेड़कर उसे पकड़ा गया. गिरफ्तार श्रवण कुमार ने पूछताछ में बताया कि वह राखी पर घर आया था. वह दरोगा की वर्दी में बहन से राखी बंधवाना चाहता था इसलिए वर्दी खरीदी थी. वह सीतामढ़ी में स्मॉल फाइनेंस में काम करता है.
जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर पुलिस ने आरोपी के पास से दो स्टार वाली वर्दी, बिहार पुलिस का लोगो, अशोक स्तंभ लगा हुआ ब्राउन रेड कलर का बेल्ट, नेम प्लेट बरामद किया है. फर्जी दारोगा श्रवण कुमार के परिजनों का कहना है कि रक्षा बंधन से पहले वो अपने घर पहुंचा तो साथ में दो स्टार लगी वर्दी भी लेकर पहुंचा था.
आरोपी श्रवण कुमार 28 साल का है और पहले वह सैलून में हजामत बनाने का काम करता था. मां ललिता देवी के अनुसार, जब उन्होंने बेटे के पास वर्दी देखी तो उसे पहनने से मना किया, लेकिन उसने कहा अगले दिन राखी है और बहन के साथ इस वर्दी में फोटो खिंचवा कर रख दूंगा. बताया जा रहा कि 9 साल पहले श्रवण की शादी हुई थी और उसके दो बच्चे भी हैं. उसकी पत्नी रीमा देवी ने भी ग्रेजुएशन किया है.
पत्नी रीमा के अनुसार, श्रवण सीतामढ़ी से रविवार दोपहर घर पहुंचा था. वो रक्षा बंधन के लिए घर आया था और वर्दी भी साथ में लाया था. शाम में 5 बजे उन्होंने वर्दी पहनकर बच्चों संग फोटो खिंचवाई तो पत्नी ने ड्रेस के बारे में पूछा, लेकिन उसने साफ-साफ कुछ नहीं बताया. पत्नी के मुताबिक बच्चों को चाउमीन खिलाने वर्दी पहनकर ही चौक पहुंचा था इसी समय कुछ लोगों ने बताया कि वो फर्जी पुलिस बनकर वसूली कर रहे थे और गिरफ्तार हो गया.