अवयस्क के साथ शादी का झाँसा देकर दुष्कृत्य कर गर्भपात कराने वाले अभियुक्त को हुआ चार बार आजीवन कारावास
इंदौर :- जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि दिनांक 13.08.2024 को माननीय न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सुश्री सविता जड़िया, इंदौर ने थाना आज़ाद नगर के विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 125/2021 में निर्णय पारित करते हुए अभियुक्त अभिषेक, उम्र 20 वर्ष, निवासी रायसेन को धारा 376(2)(एन), 313 भा.दं.सं. व धारा 5(एल) सहपठित 6, 5(जे)(ii)) सहपठित 6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास एवं कुल 4000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में जिला लोक अभियोजन अधिकारी के निर्देशन में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री संजय मीणा द्वारा की गई।
नोट :- प्रकरण में पीड़िता अपने कथनों से मुकर जाने के बावज़ूद भी वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर एवं अभियोजन द्वारा अपने पक्ष को मज़बूती से रखते हुए उक्त प्रकरण में आरोपी को सजा करवाई।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 20.03.2021 को थाना आजाद नगर की उप-निरीक्षक को रोजनामचा सान्हा कमांक 39/21 की जाँच हेतु प्राप्त होने पर वह एम.व्हाय.एच. अस्पताल पहुँची, जहाँ पीड़िता के कथन लेख किए, जिसमें उसने बताया कि उसके पिताजी नेमावर रोड इंदौर पर इंडस्ट्रीज़ में काम करते हैं और पापा को कंपनी की तरफ से इंडस्ट्री की मल्टी में ही फ्लैट मिला हुआ है, जहाँ वह अपने पूरे परिवार के साथ रहती है। नेमावर रोड में काम करने वाला आरोपी भी उनकी ही मल्टी में उसके फ्लैट के ऊपर वाले फ्लैट में रहता है। आरोपी का उनके घर आना-जाना था, तभी से वह आरोपी को जानती है, किंतु उनके बीच मोबाइल में बातचीत व दोस्ती घटना के लगभग 5-6 महीने पूर्व शुरू हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने बहला-फुसलाकर व शादी का झाँसा देकर अगस्त वर्ष 2020 में पहली बार उसके साथ शारीरिक संबंध उसके घर पर जब बनाए जब घर पर कोई नहीं था। उसके छोटे भाई स्कूल गए हुए थे और वह स्कूल से जल्दी 12 बजे घर आ गई थी, उसके बाद 1-2 बार और जब उसके माता-पिता व भाई घर पर नहीं रहते थे, तब शारीरिक संबंध बनाए, जिसके पश्चात् उसे अगले महीने पीरियड्स नहीं आने से उसने उक्त बात आरोपी को बतायी तब उसे प्रेगनेंसी टेस्ट हेतु प्रेगा न्यूज़ लाकर दिया, जिसके पश्चात उसे पता चला कि वह प्रेगनेन्ट है, उक्त बात उसने आरोपी को बतायी तो उसने उसे गर्भपात करने के लिए मेडिसिन लाकर दी जो मेडिसिन उसने दिनांक 04.03.2021 को खाली जिसे बाद उसकी तबीयत बिगडने लगी और दिनांक 08.03.2021 को उसकी तबीयत अधिक बिगडने के कारण उसके माता पिता उसे एम.व्हाय.एच. अस्पताल लेकर आए जहाँ इलाज के दौरान डॉक्टर मेडम ने उसके माता पिता को बताया कि उसका गर्भपात होने से उसकी तबीयत खराब हुई है जिसके पश्चात् उसके माता पिता के पूछने पर उसने उन्हें संपूर्ण बात बतायी। पीड़िता के कथन के आधार पर अभियुक्त अभिषेक के विरुद्ध थाना बेटमा में अपराध क्रमांक 222/2021 धारा 376(2)(एन), 313 भा.दं.सं. तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3/4 व 5(एल)/6 के अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना दौरान आरोपी के विरुद्ध धारा 450 भा.दं.सं. एवं 5(जे)(ii)/6 पॉक्सो एक्ट तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) की धारा 3(1)(w)(i), 3(2)(v) का इजाफा किया गया संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिस पर से अभियुक्त को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
पैरवीकर्ता जिला लोक अभियोजन अधिकारी,
जिला इंदौर (म.प्र.)