नाबालिग बालिका के साथ दुष्कृत्य करने वाले सौतेले पिता को तिहरा एवं माँ द्वारा दुष्प्रेरण किये जाने पर हुआ दोहरा आजीवन कारावास

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इंदौर- जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव, ने बताया कि दिनांक 31-07-2024 को माननीय न्यायालय पंचम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, श्रीमती रश्मि बाल्टर सा., इन्दौर (मध्य प्रदेश), ने थाना एरोड्रम, जिला इंदौर के अपराध में सत्र प्रकरण क्रमांक 211/2022 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी सौतेले पिता को पॉक्सो एक्ट की धारा ऽएल/6, 5 (एन)/6 एवं 3/4 में पृथक पृथक तिहरा आजीवन कारावास व धारा 506 भादवि में 2 वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 15500 रुपये के अर्थदंड एवं आरोपी माँ को धारा 5एल/6 सहपठित धारा 17. एवं 3/4 सहपठित धारा 17 में पृथक पृथक दोहरा आजीवन कारावास कुल 10000/ अर्थदण्ड से दंडित किया। प्रकरण में जिला अभियोजन अधिकारी के निर्देशन में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्रीमती प्रीति अग्रवाल द्वारा की गई।

पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़ित बालिका को 200000/- रुपये प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का आदेश माननीय न्यायालय द्वारा प्रदान किया गया।

अभियोजन मामला इस प्रकार है कि पीड़िता की मां ने दिनांक 20.02.2022 को आरक्षी केंद्र एरोड्रम पर आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बेटी पीडिता को दिनांक 07/10/2021 को उसने डांट दिया था, जिस बात पर बह गुस्सा होकर घर से चली गई थी, उसने सोचा कि वह उसकी दादी के घर गई होगी इसलिये खबर नहीं ली। चार माह तक पीडिता का कोई पता नही चला तो उसने लोगो से पता किया परंतु कही कोई पता नहीं चला। उसकी नाबालिक बेटी पीडिता को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसला कर ले गया। उक्त रिपोर्ट के आधार पर अपराध के 130/2022 अंतर्गत धारा 363 भादवि के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीडिता को दस्तयाब किया गया । दिनांक 31/05/2022 को पीडिता के कथन न्यायपीठ बालकल्याण समिति जिला इंदौर में कराए गए जहां पर पीडिता ने अपने कथनों में बताया कि 2 साल पहले उसके सौतेले पिता द्वारा कई बार गलत काम किया था तथा उसकी मी को बताया था तो मम्मी ने उसे डांट दिया तथा मम्मी बोली वह झूठ बोल रही है, समिति द्वारा कथन लेख किए जाने के बाद दिनांक 31/05/2022 को थाना प्रभारी को पत्र लेख किया गया। फिर पुनः पुलिस द्वारा पीडिता के कथन लेखबद्ध किये जाने पर पीडिता द्वारा उक्त घटना पुनः दोहराई। जिस आधार पर आरोपी सौतेले पिता एवं आरोपी मों के विरूद्ध धारा 376 (2) (एन) एफ, 376(3) (एन) एफ, 109 भादवि एवं 5/6, 5 (एन)/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा कर संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जिस पर से अभियुक्तगण को उक्त दण्ड से दण्डित किया।

पैरवीकर्ता

जिला अभियोजन अधिकारी

जिला इंदौर (म.प्र.)

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