चिटफंड कंपनी के सीधी जिले में पसरे पैर से हो रही आत्महत्या की एस.पी.से शिकायत
सीधी जिले में चिट फंड कंपनियों के पैर फैलते जा रहे हैं! और एक सोची समझी रणनीति के तहत ग्रामीण एरिया

के लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर शिकंजे में बुरी तरह से फंसाया जा रहा है! छोटे तबके के लोगों का खाता खुलवा कर उन्हीं के पैसे से उन्हें 30 से 40% तक मासिक ब्याज पर कर्ज उपलब्ध कराया जाता है जिसकी वसूली हफ्ते में की जाती है! जिसका हिसाब भी कर्जदार को नहीं दिया जाता! और कर्जदारों को चिट फंड कंपनी के लोगों द्वारा वेढंग तरीके से प्रताड़ित किया जाता है! जिससे परेशान होकर कर्जदार व्यक्ति आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाता है!
25 जुलाई 2024 को ग्राम ममदर, थाना रामपुर नैकिन निवासी रामनरेश विश्वकर्मा द्वारा लिए गए कर्ज को समय पर ना लौटा पाने के कारण चिट फंड कंपनी के लोगों द्वारा उसे कई तरह की प्रताड़ना दी गई जिससे परेशान एवं बेबश होकर उसने आत्महत्या कर ली! जिसकी अंबुज पांडेय एडवोकेट जिला संयोजक विधि प्रकोष्ठ सीधी द्वारा पुलिस अधीक्षक सीधी से इस संबंध में शिकायती आवेदन देकर चिट फंड कंपनियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए रामनरेश विश्वकर्मा को समुचित न्याय दिलाने की मांग की गई है!
*ब्यूरो रिपोर्ट सीधी*