शिव मंदिर सिहावल में सामूहिक रुद्राभिषेक 121 यजमानों के साथ, आचार्य इंद्रकमल तिवारी जी के सानिध्य में संपन्न

प्राइड इंडिया न्यूज़ सीधी से संवाददाता शाहिद खान 6264877120
सिहावल: सीधी/ मध्य प्रदेश
शिव मंदिर सिहावल में पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी सामूहिक रुद्राभिषेक 121 यजमानो के साथ आचार्य इंद्र कमल तिवारी जी के सानिध्य में संपन्न हुआ, महा रुद्राभिषेक के बाद राम जानकी मंदिर सिहावल के पुजारी श्री राम सुरेश शर्मा जी के सानिध्य में निकाली गई भव्य शिव बारात |
कार्यक्रम के संयोजक प्रभात सिंह चंदेल s/o नरेंद्र सिंह चंदेल द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया एवं महाप्रसाद वितरण किया गया l इस अवसर पर उनकी मित्र मंडली तथा नगर क्षेत्र से पहुंचे हुए तमाम शिव भक्तों ने भोले बाबा की बारात मे शामिल होकर अपने शिव भक्त होने का परिचय दिया | वहीं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सिहावल चौकी प्रभारी फूलचंद्र बागरी अपने दलबल के साथ शिव बारात में आगे आगे देखे गए l
हर-हर महादेव के जयकारों के साथ गूंज उठा शिवालय |
रूद्र अर्थात भूत भवन शिव का अभिषेक, शिव और रूद्र परस्पर एक दूसरे के पर्यायवाची हैं शिव को ही रूद्र कहा जाता है “क्योंकि रुतम् दु:खम् द्रावयति-नाशयतीतिरूद्र” यानी कि भोले सभी दुखों को नष्ट कर देते हैं | हमारे धर्म ग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दुखों का कारण हैं |
रुद्रार्चन रुद्राभिषेक से हमारे कुंडली से पातक कर्म एवं महापातक भी जलकर भस्म हो जाते हैं और साधक में शिवत्व का उदय होता है तथा भगवान शिव का शुभाशीर्वाद भक्तों को प्राप्त होता है और उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं | ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रूद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है |
रूद्रहृदयोपानिषद मे
शिव के बारे में कहा गया है कि,
“सर्वदेवात्मको रूद्र:”
“सर्वे देवा: शिवात्माका:”
अर्थात- सभी देवताओं की आत्मा में रुद्र उपस्थित हैं और सभी देवता रुद्र की आत्मा हैं |
हमारे शास्त्रों में विविध कामनाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक के पूजन के निमित्त अनेक द्रव्यों तथा पूजन सामग्री को बताया गया है | इसी तरह साधक भक्तगण रुद्राभिषेक पूजन विभिन्न विधि से तथा विविध मनोरथ को लेकर किए |
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