नाबालिक के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माने से दण्डित किया

माननीय न्यायालय विषेश न्यायाधीष पाक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी गोलू पटेल को थाना रांझी के अप0 क्रं. 347/2022 व विशेष प्रकरण क्रमांक 94/2022 अंतर्गत धारा 366 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड एवं लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 सहपठित धारा 4(2) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 29.03.2022 को उत्तरजीवी की माता द्वारा थाना रांझी में उपस्थित होकर अपराध क्रं. 347/2022 अंतर्गत धारा 363 भादवि के तहत रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि दिनांक 28.03.2022 को सुबह करीब 11ः00 बजे स्कूल जाने का कहकर उत्तरजीवी गई थी जो दिनांक 29.03.2022 तक वापस नहीं आई है। उसने आस पास एवं सभी रिश्तेदारों में पता किया, परंतु उत्तरजीवी का कोई पता नहीं चला। उसे शंका है कि कोई अज्ञात व्यक्ति उत्तरजीवी को बहला-फुसलाकर ले गया होगा। उक्त के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, जिसकी विवेचना निरीक्षक सहदेवराम साहू व उपनिरीक्षक महिमा रघुवंशी द्वारा की गई। विवेचना के दौरान उत्तरजीवी को दस्तयाब किया गया। उत्तरजीवी का मेडिकल परीक्षण के लिए अनुमति प्राप्त कर परीक्षण हेतु एल्गिन अस्तपताल भेजा गया। उत्तरजीवी ने बताया कि अभियुक्त उसे भोपाल ले गया था फिर वहां से विदिशा, जहां मंदिर में उन्होने शादी कर ली थी और एक साथ रहने लगे थे, अभियुक्त व उसकी शादी के बाद उनके मध्य शारीरिक संबंध बने थे। उक्त के आधार पर पंजीबद्ध अपराध अंतर्गत धारा 366, 376, 376(2एन), पाक्सो एक्ट की धारा 3/4 व 5एल/6 एवं एससी एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5), 3(2)(डब्ल्यु)(आई) का इजाफा कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उप-संचालक(अभियोजन) श्री विजय कुमार उईके व जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय कुमार जैन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती मनीषा दुबे द्वारा उक्त मामले में सशक्त पैरवी की गई।
श्रीमती मनीषा दुबे विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जबलपुर के द्वारा आरोपी गोलू पटेल को थाना रांझी के अप0 क्रं. 347/2022 व विशेष प्रकरण क्रमांक 94/2022 अंतर्गत धारा 366 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड एवं लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 सहपठित धारा 4(2) में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
भगवत उईके
मीडिया सेल प्रभारी/
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी
जिला-जबलपुर