तरकश से निकलेंगे कैसे तीर, शिवराज के टिकट पर गहरी चाल, अपनी-अपनी डफली, अपना- अपना राग

सीधी- जीवन की तरह राजनीति बड़ी यात्रा नहीं है ! राजनीति में प्रतिक्रिया का बड़ा महत्व है! आकलन करने की बात है कि सिर्फ सूरज के चमकने से ही सवेरा नहीं होता! “”अपनी अपनी डफली, अपना अपना राग”” के चलते ही प्रमुख तीरों को भाजपा हाई कमान द्वारा तरकश से निकाला नही गया है! कुछ सांसदों को मध्य प्रदेश में विधानसभा का टिकट देकर हड़बडा़हट और बौखलाहट का प्रदर्शन किया गया है! सभी पक्षों पर नजर दौड़ाते हुए यह कहा जा सकता है कि मध्य प्रदेश में नए मुख्यमंत्री का नया चेहरा छुपे रुस्तम की तरह बाहर निकालने की फिराक में भारतीय जनता पार्टी कमर कस चुकी है! जिन सीटों पर सांसदों को ड्राइविंग सीट पर बैठाया गया है निश्चित ही इन सीटों पर भाजपा अपने आप को पूरी तरह से गरीबी के लिवास में पा रही होगी!

इसीलिए राजनीति के विशेषज्ञों का मानना है कि शिवराज सिंह चौहान को अब दिल्ली की फ्लाइट में बैठा ही दिया जाएगा! और उनकी दाल नहीं गलेगी तभी भारतीय जनता पार्टी के खेमे में एक बड़ा भूचाल आएगा!

आम जनता के मूड की बात करें तो उसका मानना है कि भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, महंगाई ,बेरोजगारी पर राज्य सरकार के अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा कुर्सी से चिपके हुए ही लचर फील्डिंग की गई है! जिसके चलते पुरी टीम पर संकट के बादल छाए हुए हैं! गांवों में बिजली, पानी, सड़क के लिए आम जनता खूब रोई है!

आम जनता की सोच में नेताओं के अंदर अभिमान आ गया है! लेकिन अभिमान तब आता है जब नेताओं को लगता है कि उन्होंने बहुत कुछ किया! और सम्मान तब मिलता है जब सबको लगता है आपने बहुत कुछ किया!

सबसे बड़ी गौर करने वाली बात यह है कि कभी नेताओं ने यह नहीं कहा कि मेरे अहंकार से मैंने किसी को नीचा दिखाया हो, मेरे क्रोध से मैंने किसी को दंडित किया हो, मेरे झूठ द्वारा मैंने किसी को धोखा दिया हो, मेरी “ना” से यदि किसी की सेवा में बाधा आई हो, मेरे पल-पल, एक एक क्षंण से मैंने किसी को निराश किया हो तो, मस्तक झुका कर , हांथ जोड़कर दिल से क्षमा याचना चाहता हूं!

अगर ऐसा होता तो निश्चय ही इसका इनाम भी नेताओं को अवश्य मिलता!
और अंत में यही की यह जो पब्लिक है सब जानती है!

सीधी से नेशनल ब्यूरो चीफ_ राकेश शर्मा की देखिए विशेष रिपोर्ट-9993 22 1450