प्रकृति की मार से दम तोड़ते किसान, बहरी तहसील अंतर्गत कई गांवों का नहीं हुआ सर्वेक्षण
नेशनल ब्यूरो चीफ➖ राकेश शर्मा

सीधी➖ असमय बे मौसम बारिश एवं ओले गिरने से किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई है! प्रकृति के कहर ने किसानों की जान हलक में फंसा दी है! खून पसीना एक कर बड़े अरमानों के साथ किसानों द्वारा फसलों को तैयार तो किया गया लेकिन एक ही झटके में सब पर पानी फिर गया! अब किसानों के पास सरकार का रास्ता निहारने के सिवा कुछ भी नहीं बचा! हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं कि बेमौसम बारिश एवं ओले गिरने से किसानों की बर्बाद हुई फसलों का पूरी ईमानदारी के साथ सर्वेक्षण किया जाए! लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के दर्शन हेतु खेतों में पड़ी अधमरी फसलें आज भी दयनीय नजरों से अपने इलाज हेतु बहुत सारे सवाल लिए प्रतीक्षा करते दिखाई देती हैं!

सीधी जिले के बहरी तहसील अंतर्गत लगभग सभी गांवों का एक जैसा हाल है! ग्राम बेलहा के किसान संदीप सिंह, अंबुज सिंह, एवं महाबली साहू बताते हैं कि विगत दिनों भारी बारिश एवं ओलावृष्टि से विभिन्न तरह की फसलें पूरी तरह से जमींदोज हो गई हैं! इसके पहले भी पाला लगने से अरहर पूरी तरह से चौपट हो गई थी लेकिन शासन से गुहार लगाने के बाद भी कोई राहत राशि प्रदान नहीं की गई! पीड़ित किसानों द्वारा प्राइड इंडिया न्यूज़ के माध्यम से गुहार लगाई गई है कि जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का इस संबंध में ध्यान आकृष्ट कराया जाए! जिससे पीड़ित किसानों के सहायतार्थ समुचित कदम उठाए जाएं!