27 सितंबर को सुबह 6 से सायं 4 तक रहेगा भारत बंद आपातकालीन सेवाओं में रहेगी छूट

मझौली । टोंको-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने बताया है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने दिनाँक 27 सितंबर 2021 सोमवार को भारत बंद के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है और घटक संगठनों के साथ समाज के सभी वर्गों से सहयोग मांगते हुए भारत बंद को पहले से प्रचारित करने की अपील की है, ताकि जनता को असुविधा न हो, भारत बंद शांतिपूर्ण और स्वैच्छिक के साथ होगा साथ ही आपातकालीन सेवाओं को छूट दी जाएगी, भारत बंद 27 सितंबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा, संयुक्त किसान मोर्चा भारत बंद के समर्थन में केंद्र और राज्य सरकारों के कार्यालयों, बाजारों, दुकानों और कारखानों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों, विभिन्न प्रकार के सार्वजनिक परिवहन और निजी परिवहन, को बंद करने का आग्रह करता है, मोदी सरकार बार-बार अति किसान-विरोधी व्यवहार का प्रदर्शन करके ऐतिहासिक किसान आंदोलन को दबाने के लिए तरह-तरह के घटिया हथकंडे अपना रहा है ।
संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि अगर मोदी सरकार को किसानों के लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों की चिंता है, तो उन्हें आंदोलन की जायज मांगों को पूरा करके समाधान करना चाहिए, संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि यह उनकी अपनी इच्छा से नहीं है कि लाखों किसान दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्रालय सहित विभिन्न राज्यों की पुलिस ने उन्हें सीमाओं पर रहने के लिए मजबूर किया है, भारी बारिश और बाढ़, भीषण गर्मी और सर्दी के महीनों में किसान विपत्ति में राजमार्गों पर डटे हुए हैं, किसानों का वर्तमान संघर्ष उनकी आजीविका, बुनियादी संसाधनों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा से जुड़ा है, आंदोलन में अब तक 600 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं, सरकार के अड़ियलपन ने किसानों को विरोध करने के लिए मजबूर किया है, उमेश तिवारी ने कहा है कि भाजपा सरकारों का दिखावे का किसान प्रेम किसानों को मूर्ख नहीं बना पाएगा, किसान यह समझ चुके हैं कि भाजपा मूल रूप से किसान विरोधी है, किसान मोदी सरकार द्वारा थोपे गए 3 काले कानूनों को रद्द करने और सभी किसानों के लिए गारंटीकृत लाभकारी एमएसपी सुनिश्चित करने वाले कानून के लिए 27 सितम्बर को भारत बंद आंदोलन करने जा रहे हैं, यह लड़ाई सिर्फ किसानों को तवाही से बचाने भर की नही है, बल्कि हर उस इंसान की है जो दो जून का खाना खाता है, सीधी जिले के सभी वर्ग के नागरिकों से आग्रह है कि 27 सितम्बर के भारत बंद में बड़ी संख्या में भागीदारी करें।