जिला पंचायत के स्थानांतरण आदेश के 23 दिवस और जनपद सीईओ के रिलीव आदेश के 17 दिवस बाद भी सचिव उमेश सिंह नहीं छोड़ रहे, जोबा पंचायत का प्रभार

मझौली | पंचायतों में बढ़ते भ्रष्टाचार के बीच भ्रष्टाचारियों पर लगाम लगाने हेतु जिला पंचायत सीईओ राहुल नामदेव धोते द्वारा जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में पदस्थ पंचायत सचिवों का दिनाँक 31 अगस्त 2021 को आदेश क्रमांक 6745 में फेरबदल करते हुए स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया था, जबकि उसी आदेश का पालन कराने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझौली मुन्नीलाल प्रजापति द्वारा दिनाँक 06.09.2021 अपराह्न को आदेश जारी करते हुए, उमेश सिंह सचिव ग्राम पंचायत जोबा को ग्राम पंचायत नेबूहा के लिए भारमुक्त किया गया था, लेकिन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीधी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझौली का आदेश जोबा सचिव उमेश सिंह के पावर और पहुँच से कमजोर साबित हो रहा है, यह आदेश सचिव के लिए कोरा कागज के समान रहा, सचिव उमेश सिंह के आगे चाहे कोई कुछ भी आदेश करते रहें, सभी आदेश इनके मुठ्ठी में रहता है, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण यह रहा कि, जब दिनाँक 31 अगस्त 2021 को जिला पंचायत सीईओ द्वारा सचिव उमेश सिंह का ट्रांसफर कर दिया गया था, और दिनाँक 6 सितम्बर 2021 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझौली द्वारा सचिव को नेबूहा पंचायत के लिए जोबा पंचायत से भारमुक्त कर दिया गया था, लेकिन सचिव उमेश सिंह ट्रांसफर के 23 दिवस और रिलीव होने के 17 दिवस बाद दिनाँक 23 सितम्बर 2021 तक भारमुक्त होने के बाद आखिर क्यों ग्राम पंचायत जोबा का प्रभार नहीं छोंडे, साथ ही एक वर्ष से ज्यादा समय से वह रोजगार सहायक का मनरेगा आईडी भी अपने पास रखकर काम कर रहे हैं, सचिव द्वारा मनमानी रवैया अपनाया जाता है और आदेश उल्लंघन किया जाता है, लेकिन इनके खिलाफ कार्यवाही नहीं होती है, इसका साफ मतलब यह निकलता है कि, सचिव का पावर और पहुँच जिला पंचायत सीईओ एवं जनपद पंचायत सीईओ से बढ़कर है, हालांकि स्थानांतरण के संबंध में हमारे जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझौली से बात हुई तो दिनाँक 9 सितम्बर को सीईओ द्वारा बोला गया कि भारमुक्त मैं कर दिया हूँ, सचिव को प्रभार देना ही होगा, भारमुक्त होने के बाद प्रभार न देने का कोई प्रश्न ही नहीं खड़ा होता, वहीं जब दिनाँक 14 सितम्बर को दूसरी बार बात हुई तो उन्होंने कहा कि सचिव उमेश सिंह स्थानांतरण के बाद नेबूहा पंचायत में ज्वाइन भी कर लिया है, अगर सचिव आदेश के अनुसार रोजगार सहायक को प्रभार नहीं दे रहे हैं, तो रोजगार सहायक हमें लिखित जानकारी दें, जबकि रोजगार से लिखित जानकारी जनपद में पदस्थ बाबू राजेन्द्र द्विवेदी द्वारा ले लिया गया है, आज तक ट्रांसफर के 21 दिन बाद भी सचिव उमेश सिंह जोबा पंचायत का प्रभार नहीं छोड़ रहे हैं, यही कारण है, कि इनके मनमानी रवैया और पावर के कारण लगातार जोबा पंचायत में सचिव भ्रष्टाचार करते आ रहे हैं, लेकिन इनके खिलाफ आज तक किसी में हिम्मत नहीं रहा कि कोई कार्यवाही कर दें, हालांकि विगत माह पूर्व तत्कालिक एसडीएम व वर्तमान एडिशनल जिला पंचायत सीईओ आनंद सिंह राजावत द्वारा जोबा पंचायत की शिकायत पाते ही पंचायत का औचक निरीक्षण किया गया था, जिसमें कई प्रमुख बिंदुओं पर सचिव को जवाबदेही नोटिस भी जारी किया गया था, जिसका 6 सितम्बर 2021 को सचिव उमेश सिंह को नोटिस का जवाब भी देना था, लेकिन जवाब न देते हुए, दिनाँक 24 सितम्बर 2021 तक जबाब देने का समय मांग लिया गया है, जिसमें सचिव का दो मृतक सहित कई लोगों का फर्जी मनरेगा भुगतान संबंधित प्रमुख बिंदु शामिल है, जब बात हम ग्रामीणों की करते हैं तो ग्रामीण भी उनके कार्यों से खुश नहीं हैं और जैसे ही ट्रांसफर की खबर ग्रामीणों को मिलती है खुश होते हैं, अब यह देखना है कि जोबा सचिव उमेश सिंह का पावर और पहुँच कब तक बरिष्ठ अधिकारियों पर हावी रहता है, या फिर कोई कार्यवाही होती है, साथ ही यह भी देखना है कि आखिर कब तक बरिष्ठ अधिकारियों को ठेंगा दिखाते रहेंगे और आदेशों का उल्लंघन करते हुए, जोबा पंचायत का प्रभार अपने पास रखे रहेंगे, जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझौली द्वारा आदेश जारी करते हुए कहा गया है, कि तत्काल ग्राम रोजगार सहायक को समस्त सचिवीय प्रभार सौंपते हुए, प्रभार की सूची कार्यालय में उपलब्ध कराया जाए !
इनका कहना है
मैं सचिव उमेश सिंह को अपने आदेश में जोबा पंचायत से रिलीव कर दिया हूँ, और वह नेबूहा पंचायत में ज्वाइन भी कर लिए हैं, अब इसमें भारमुक्त होने ना होने का कोई प्रश्न ही नहीं खड़ा होता और सचिव उमेश सिंह को जोबा पंचायत का प्रभार देना ही होगा, अगर सचिव प्रभार नहीं दे रहे हैं तो रोजगार सहायक हमें लिखित जानकारी दें,
मुन्नी लाल प्रजापति मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मझौली
मैं दिनांक 14 सितंबर 2021 को आज तक प्रभार न मिलने की जानकारी जनपद पंचायत मझौली सीईओ साहब को देने जा रहा था, तभी जनपद में पदस्थ बाबू राजेंद्र द्विवेदी द्वारा हमसे लिखित में जानकारी ले ली गई, मुझे आदेशित कर जानकारी दिया गया था कि सचिव द्वारा जोवा पंचायत का प्रभार मुझे दिया जाएगा, जो आज तक नहीं दिया गया है
अवनीश मिश्रा ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत जोबा
ग्राम पंचायत क्षेत्र जोबा में निर्माणाधीन गौशाला में मैं दो सप्ताह काम किया हूँ, काम करने पर भी हमारे खाते में सचिव द्वारा मजदूरी नहीं डाली गई, जबकि दो मृतक के खाते में बिना काम किए ही उनके खाते में मजदूरी डाल दी गई
रामपाल यादव निवासी ग्राम पंचायत क्षेत्र जोबा
मैं जोबा रेलवे प्लेटफार्म में 29 दिनों तक 20 मजदूरों के साथ चारा सफाई का काम कराया, जिसमें 1,20,000 रुपए का एएस टीएस किया गया था, लेकिन इसमें सिर्फ ₹16000 का ही भुगतान किया गया, शेष भुगतान के लिए बोला गया कि इतने का ही काम हुआ है, आगे का भुगतान नहीं हो पाएगा, अब मजदूर अपने काम का पैसा लेने के लिए हमारे घर आते हैं, और मुझे चार बातें सुननी पड़ती है!