शासकीय स्कूलों में भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रमों पर कांग्रेस का हमला, ज्ञान सिंह ने पूछा—किसकी अनुमति से पहुंचे पदाधिकारी?

*प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के नाम पर विद्यार्थियों के बीच योजनाओं की जानकारी देने की आड़ में भाजपा की रीति-नीतियों के प्रचार का आरोप, जिला प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी से मांगा जवाब*
भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर जिले के शासकीय विद्यालयों में अपने पदाधिकारियों को भेजकर विद्यार्थियों के बीच सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के लिए आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने तीखा विरोध जताया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने इसे शासकीय शिक्षण संस्थानों के राजनीतिक इस्तेमाल का गंभीर मामला बताते हुए जिला प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी से स्पष्ट जवाब मांगा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कहा कि शासकीय विद्यालय किसी राजनीतिक दल के प्रचार का मंच नहीं हैं। विद्यालय विद्या के मंदिर हैं, जहां बच्चों का भविष्य गढ़ा जाता है। यदि भाजपा के पदाधिकारी इन विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को सरकार की योजनाओं के साथ-साथ भाजपा की रीति-नीतियों का प्रचार कर रहे हैं, तो यह बेहद गंभीर विषय है।
ज्ञान सिंह ने जिला प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी से सीधा सवाल करते हुए कहा कि क्या जिले के शासकीय विद्यालयों में भाजपा के पदाधिकारियों को जाकर विद्यार्थियों को संबोधित करने तथा योजनाओं की जानकारी देने के लिए जिला प्रशासन अथवा शिक्षा विभाग द्वारा कोई लिखित अनुमति जारी की गई थी? यदि अनुमति दी गई थी तो वह किस नियम और किस अधिकार के तहत दी गई?
उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले पर तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए और यदि भाजपा पदाधिकारियों के कार्यक्रमों के लिए कोई अनुमति या आदेश जारी किया गया है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि जिले की जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी हो सके।
ज्ञान सिंह ने कहा कि यदि जिला प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई थी तो शासकीय विद्यालयों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित कैसे हुए और संबंधित विद्यालयों के जिम्मेदार अधिकारियों ने किस आधार पर भाजपा पदाधिकारियों को विद्यालय परिसर में कार्यक्रम करने की अनुमति दी? वहीं यदि प्रशासन की ओर से अनुमति दी गई थी तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि शासकीय विद्यालयों में किसी राजनीतिक दल के पदाधिकारियों को विद्यार्थियों के बीच कार्यक्रम करने की अनुमति देने का आधार क्या था।
उन्होंने कहा कि सत्ता में होना किसी राजनीतिक दल को शासकीय शिक्षण संस्थानों को अपने प्रचार का माध्यम बनाने का अधिकार नहीं देता। बच्चों और विद्यार्थियों को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखते हुए उनके अध्ययन और भविष्य पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के कार्यक्रमों की आड़ में यदि शासकीय विद्यालयों में भाजपा के पदाधिकारियों द्वारा सरकार की योजनाओं का प्रचार और पार्टी की विचारधारा का प्रसार किया जा रहा है, तो यह शासकीय संस्थानों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस प्रकार के कृत्य की घोर निंदा करती है। विद्यालयों को राजनीति का अखाड़ा बनाने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने भाजपा नेताओं को इस प्रकार के कार्यक्रमों की अनुमति दी है तो विद्यालयों के राजनीतिकरण की जवाबदारी भी जिला प्रशासन की होगी।
ज्ञान सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की कि जिले के किन-किन शासकीय विद्यालयों में भाजपा पदाधिकारियों के कार्यक्रम आयोजित किए गए, किस अधिकारी की अनुमति से आयोजित किए गए, कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था और इसके लिए कोई लिखित आदेश जारी हुआ या नहीं—इन सभी बिंदुओं की जानकारी सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के सामने किसी राजनीतिक दल के प्रचार की अनुमति है या नहीं।
उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथ में किताब और कलम होनी चाहिए, किसी राजनीतिक दल का प्रचार साहित्य नहीं। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा का वातावरण बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।