मध्याह्न भोजन एवं रसोइया संघर्ष समिति ने उठाई मांगें: सभी समूहों को मिले गैस, आंगनबाड़ी भोजन का मानदेय 500 से बढ़ाकर 2 हजार करने की मांग

रसोइया एवं स्व-सहायता समूहों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा मांग पत्र

0 362

 

सीधी। जिले के मध्याह्न भोजन एवं रसोइया संघर्ष समिति ने रसोइया एवं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को मांग पत्र सौंपा है। समिति ने विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन निर्माण करने वाले समूहों की आर्थिक एवं कार्य संबंधी समस्याओं को उठाते हुए शासन से शीघ्र समाधान की मांग की है।

समिति द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में कहा गया है कि कुछ स्व-सहायता समूहों को भोजन बनाने के लिए गैस की सुविधा उपलब्ध है, जबकि कई समूह अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। कई स्थानों पर भोजन बनाने के लिए लकड़ी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे समूह की महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। समिति ने मांग की है कि सभी समूहों को गैस की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि धुएं और लकड़ी की व्यवस्था की समस्या से महिलाओं को राहत मिल सके।

आंगनबाड़ी भोजन के लिए मात्र 500 रुपये, बढ़ाकर 2 हजार करने की मांग

मांग पत्र में प्रमुख रूप से कहा गया है कि स्व-सहायता समूह की महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों का भोजन भी तैयार करती हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें मात्र 500 रुपये मानदेय मिलने की बात कही गई है। वहीं मध्याह्न भोजन व्यवस्था के संचालन के लिए समूहों को लगभग 4 हजार रुपये का मानदेय मिलता है।

समिति ने मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का भोजन बनाने के लिए मिलने वाला मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 2 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए, जिससे महिलाओं को उनके श्रम के अनुरूप उचित पारिश्रमिक मिल सके।

रसोइया समूहों का मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने की मांग

समिति ने पत्र में यह भी मुद्दा उठाया है कि रसोइया एवं समूह से जुड़ी महिलाओं को मिलने वाले मानदेय का समय पर भुगतान नहीं हो रहा है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मांग पत्र में मानदेय में वृद्धि कर 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने तथा कार्यरत महिलाओं को बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

छात्र संख्या के अनुसार राशि मिलने से समूहों को नुकसान

समिति ने विद्यालयों में दर्ज छात्र संख्या के आधार पर मिलने वाली मध्याह्न भोजन की राशि का मुद्दा भी उठाया है। पत्र में कहा गया है कि कई विद्यालयों में दर्ज छात्र संख्या के अनुसार भोजन की राशि मिलने के बावजूद उपस्थिति कम होने अथवा अन्य व्यवस्थागत कारणों से समूहों को आर्थिक परेशानी होती है।

समिति ने इस व्यवस्था की समीक्षा कर रसोइया एवं स्व-सहायता समूहों को नियमित और पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भोजन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

रसोई शेड एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग

मांग पत्र में कई विद्यालयों में रसोई शेड एवं भोजन बनाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया है। समिति ने जर्जर एवं खराब रसोई शेडों की मरम्मत तथा आवश्यक स्थानों पर नए रसोई शेड बनाए जाने की मांग की है।

इसके साथ ही समूहों को रोजगार से जोड़ने के लिए पंचायत स्तर पर होने वाले विभिन्न कार्यों और निर्माण गतिविधियों में प्राथमिकता देने की भी मांग की गई है।

विशेष भोजन के लिए पर्याप्त राशि देने की मांग

समिति ने विद्यालयों में राष्ट्रीय पर्वों एवं अन्य विशेष अवसरों पर आयोजित विशेष भोजन के लिए मिलने वाली राशि को बढ़ाने की मांग भी रखी है। समिति का कहना है कि वर्तमान राशि में भोजन की बढ़ती लागत को देखते हुए विशेष भोजन की व्यवस्था करना कठिन हो रहा है।

पशुपालन और अन्य रोजगार से समूहों को जोड़ने की मांग

मांग पत्र में स्व-सहायता समूहों को अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पशुपालन सहित अन्य योजनाओं से जोड़ने की मांग भी की गई है। समिति का कहना है कि इससे समूह की महिलाओं की आय बढ़ेगी और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।

मध्याह्न भोजन एवं रसोइया संघर्ष समिति ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि रसोइया एवं स्व-सहायता समूहों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए गैस सुविधा, समय पर मानदेय भुगतान, आंगनबाड़ी भोजन का मानदेय बढ़ाने और अन्य मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment