समय-सीमा बैठक से गैरहाजिरी और गंभीर शिकायतों पर जेल अधीक्षक को नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

(जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव)
डिंडौरी, 31 अगस्त 2026। जिला जेल की कार्यप्रणाली में कथित लापरवाही, सीएम हेल्पलाइन की गंभीर शिकायतों के निराकरण में उदासीनता और अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने के मामले में कलेक्टर कार्यालय ने जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
31 अगस्त को आयोजित समय-सीमा बैठक में जेल अधीक्षक बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। इसके चलते जेल विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा नहीं हो सकी। बताया गया कि पूर्व में भी उन्हें प्रत्येक समय-सीमा बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे, बावजूद इसके वे स्वयं बैठक में उपस्थित नहीं होते थे और अधीनस्थ कर्मचारी को भेजते रहे। संबंधित कर्मचारी के भी समय पर बैठक में उपस्थित नहीं होने की बात सामने आई है।
दो गंभीर शिकायतों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
विगत माह सीएम हेल्पलाइन में जिला जेल से संबंधित दो गंभीर शिकायतें दर्ज हुईं। पहली शिकायत ग्राम पोस्ट सिमरिया निवासी गायत्री बनवासी ने दर्ज कराई थी। शिकायत क्रमांक 39774316 में कार्यवाहक प्रमुख प्रहरी जयलाल कोल पर सब्जी एवं दवाई मंगाकर राशि का भुगतान नहीं करने तथा प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए थे। बाद में आवेदिका ने लिखित कथन देकर बताया कि 18 अगस्त 2026 को उन्हें 13 हजार रुपये नगद वापस किए गए।
वहीं, ग्राम बरगांव, तहसील शहपुरा निवासी घनश्याम साहू ने शिकायत क्रमांक 39243155 में आरोप लगाया कि राशि नहीं देने के कारण जेल में भोजन ठीक से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
इन शिकायतों के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली, अधीनस्थ कर्मचारियों की निगरानी और कैदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है।
पदीय दायित्वों में लापरवाही मानते हुए कार्रवाई के संकेत
नोटिस में कहा गया है कि परिस्थितियां जेल अधीक्षक द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण और उनके कार्यों के सतत पर्यवेक्षण में कमी को दर्शाती हैं। साथ ही जेल मैन्युअल के अनुरूप कैदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर अपेक्षित ध्यान नहीं देने को भी गंभीर लापरवाही माना गया है।
प्रशासन ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में माना है। जेल अधीक्षक से पूछा गया है कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 16 के तहत उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न प्रस्तावित की जाए।
जेल अधीक्षक को नोटिस प्राप्त होने के 7 दिवस के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा समय-सीमा बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के संबंध में 3 सितंबर 2026 तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने को कहा गया है।
निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।