सृजन संवाद में एसपी ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, स्मार्ट सोच और सुरक्षित भविष्य का दिया संदेश

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सिंगरौली। पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता, उत्तरदायी नागरिकता, सुरक्षा-बोध एवं कानून के प्रति विश्वास विकसित करने के उद्देश्य से सिंगरौली पुलिस द्वारा सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हिर्रवाह में “सृजन संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ एसडीओपी देवसर श्रीमती गायत्री तिवारी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि “सृजन संवाद” का मकसद विद्यार्थियों को संविधान, कानून, नागरिक अधिकार एवं कर्तव्य, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण तथा जिम्मेदार नागरिकता से संबंधित व्यावहारिक जानकारी देना है।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक सिंगरौली श्री षियाज के.एम. ने कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने प्रश्न पूछा, “स्मार्ट व्यक्ति कौन होता है?” विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक उत्तर दिया—”आप।” इस पर एसपी ने कहा कि वास्तव में स्मार्ट वही है जो अपनी बुद्धि और विवेक का सही उपयोग करे, नशे से दूर रहे, साइबर अपराधों से सतर्क रहे, यातायात नियमों का पालन करे और स्वयं जागरूक रहते हुए दूसरों को भी जागरूक बनाए।

संवाद के दौरान एसपी ने किशोरावस्था में सही निर्णय लेने, शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने और उज्ज्वल भविष्य के लिए अनुशासित जीवन अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन समाचार-पत्र पढ़ने, सामान्य ज्ञान बढ़ाने तथा देश-दुनिया की गतिविधियों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि पुरुष के लिए न्यूनतम विवाह योग्य आयु 21 वर्ष तथा महिला के लिए 18 वर्ष निर्धारित है। साथ ही नाबालिग अवस्था में भावनात्मक निर्णय लेकर घर छोड़ने जैसी घटनाओं के कानूनी और पारिवारिक दुष्परिणामों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने किशोरावस्था, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, नशे के दुष्परिणाम, पुलिस की कार्यप्रणाली, जीरो एफआईआर, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा हेल्पलाइन नंबरों से जुड़े कई प्रश्न पूछे। पुलिस अधीक्षक ने सभी जिज्ञासाओं का सरल भाषा में समाधान करते हुए सही कानूनी जानकारी प्रदान की।

साइबर सुरक्षा पर उन्होंने ओटीपी, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी और निजी फोटो किसी से साझा न करने, संदिग्ध लिंक से बचने तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930, आपात सहायता के लिए 112 और बाल सहायता के लिए 1098 हेल्पलाइन का उपयोग करने की सलाह दी।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री के.के. द्विवेदी, विद्यालयीन स्टाफ, सूबेदार श्री आशीष तिवारी एवं प्रधान आरक्षक आशीष बागरी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा, “आज पढ़ाई में की गई आपकी मेहनत ही कल आपके उज्ज्वल भविष्य की पहचान बनेगी। जागरूक सोच, सुरक्षित जीवन और अनुशासित प्रयास ही सफलता की सबसे मजबूत नींव हैं।”

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