हजारों छात्रों की सुविधा से वंचित शासकीय महाविद्यालय सिहावल, प्रतीक्षालय और बस सेवा की मांग तेज

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प्राइड इंडिया न्यूज़ सीधी सिहावल रिपोर्ट शाहिद खान

मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक भवनों, स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल सुविधाओं और पीएम श्री महाविद्यालयों के माध्यम से शिक्षा के विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। जिले और प्रदेश के कई महाविद्यालयों में आकर्षक भवनों के साथ छात्रों के आवागमन हेतु बसों का संचालन भी किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा से संबद्ध शासकीय महाविद्यालय सिहावल, जहां हजारों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा समय-समय पर भोज मुक्त विश्वविद्यालय एवं अन्य संस्थानों की परीक्षाओं के केंद्र भी संचालित होते हैं, आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है।

महाविद्यालय के सामने छात्रों के लिए एक साधारण प्रतीक्षालय तक उपलब्ध नहीं है। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को गर्मी, बरसात और सर्दी के मौसम में सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। आश्चर्य की बात यह है कि अनेक पंचायतों में कम उपयोग वाले स्थानों पर भी प्रतीक्षालय निर्मित हैं, लेकिन प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले इस महत्वपूर्ण स्थान पर ऐसी बुनियादी सुविधा का अभाव बना हुआ है। इससे छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

यह स्थिति विकास और शिक्षा व्यवस्था के दावों को खोखला साबित करती नजर आती है। छात्र नेताओं, जनभागीदारी समिति, महाविद्यालय प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए। विद्यार्थियों की मांग है कि महाविद्यालय परिसर के सामने शीघ्र एक व्यवस्थित प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाए तथा पीएम श्री महाविद्यालयों की तर्ज पर शासकीय महाविद्यालय सिहावल के लिए भी बस सेवा प्रारंभ की जाए, ताकि दूरस्थ गांवों से आने वाले हजारों छात्रों को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।

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