मरीज के उपचार में मिनरल वॉटर की बोतल के इस्तेमाल पर मेडिकल ऑफिसर को नोटिस, कलेक्टर ने मांगा जवाब

(जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव)
कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और चिकित्सीय मानकों के उल्लंघन का आरोप, 3 अगस्त तक स्पष्टीकरण देने के निर्देश
डिंडौरी।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिला चिकित्सालय डिंडौरी में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. भरत कुमार संत को कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं शासकीय सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में चिकित्सक से 3 अगस्त 2026 तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी नोटिस के अनुसार, जिला चिकित्सालय में भर्ती एक मरीज के उपचार के दौरान सामान्य सलाईन वॉटर उपलब्ध होने के बावजूद बिना किसी वरिष्ठ चिकित्सक की सलाह के पैक्ड मिनरल वॉटर की बोतल का उपयोग किए जाने का मामला सामने आया। कलेक्टर द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में उपलब्ध अभिलेखों एवं एमएलसी रजिस्टर के परीक्षण के बाद इस कृत्य को प्रथम दृष्टया स्थापित चिकित्सीय मानकों के विपरीत माना गया।
जांच में उल्लेख है कि 22 जुलाई 2026 को चूहा मार दवा के सेवन के कारण सत्यम यादव (18 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक-5, डिंडौरी को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान मिनरल वॉटर का उपयोग किए जाने को गंभीर त्रुटि बताते हुए कहा गया कि इससे मरीज के जीवन को खतरा उत्पन्न हो सकता था।
कलेक्टर ने नोटिस में कहा है कि संबंधित चिकित्सक का यह आचरण कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही, विभाग की छवि धूमिल करने वाला तथा मरीज की सुरक्षा के प्रति अपेक्षित सावधानी के अभाव को दर्शाता है। इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है।
नोटिस में डॉ. भरत कुमार संत से पूछा गया है कि उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। निर्धारित तिथि तक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।