बिजली विभाग के जेई पर रिश्वत और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
आवेदन में अवैध वसूली, बिजली चोरी कराने, फर्जी जुर्माना लगाने और कार्रवाई न करने के लगाए आरोप

जिले की साप्ताहिक जनसुनवाई में बिजली वितरण केंद्र बहरी के एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों वाला आवेदन कलेक्टर को सौंपा गया। ग्राम पटेहरा कोठार निवासी राघवेंद्र सिंह चौहान ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बिजली वितरण केंद्र बहरी में पदस्थ विकास वर्मा पर रिश्वत मांगने, बिजली चोरी को संरक्षण देने तथा मनमाने ढंग से कार्रवाई करने के आरोप लगाए हैं।
आवेदन के अनुसार, शिकायतकर्ता का आरोप है कि पिछले एक वर्ष से लगातार शिकायतें करने के बावजूद विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि शिकायत करने पर उनसे 5 हजार रुपये की मांग की गई और विरोध करने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने तथा कार्रवाई करने की धमकी दी गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि बिना किसी बकाया बिल के उनके ऊपर 43 लाख 54 हजार 871 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि उनका कहना है कि उनका बिजली बिल नियमित रूप से जमा है। आवेदन में संबंधित सेवा क्रमांक का भी उल्लेख किया गया है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में लगभग 200 बिजली कनेक्शनों में केवल 8 मीटर लगाए गए हैं तथा कई लोगों को बिना मीटर के बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही विभागीय अधिकारियों से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और बिजली विभाग में व्याप्त कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने की मांग की है।
(नोट: यह खबर शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर को दिए गए आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित अधिकारी या बिजली विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)