गुरुओं के नवाचार का जलवा: टीएलएम प्रदर्शनी में चमकी शिक्षा क्रांति, कलेक्टर बोले— समर्पित शिक्षक ही असली ‘स्टार ऑफ द मंथ’

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प्राइड इंडिया न्यूज़ सीधी, रिपोर्ट : शाहिद खान

 

सीधी। शिक्षा के मंदिर में जब समर्पण, सृजन और नवाचार एक साथ दस्तक देते हैं, तब बदलाव की इबारत लिखी जाती है। टाटा कॉलेज में आयोजित टीएलएम प्रदर्शनी कुछ ऐसी ही उम्मीदों, प्रयोगों और शैक्षणिक उत्कृष्टता का जीवंत मंच बनकर उभरी, जहां जिले भर के शिक्षकों ने अपने शिक्षण कौशल, रचनात्मक मॉडल और अभिनव प्रयोगों से साबित कर दिया कि सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने की मुहिम अब जमीन पर असर दिखा रही है। प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने शिक्षकों की प्रतिबद्धता को सलाम करते हुए कहा कि “शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि भविष्य गढ़ते हैं।” उन्होंने बच्चों को उनकी बोली और सहज भाषा में शिक्षा देने को असली तालीम बताते हुए कहा कि जब शिक्षा दिल से दी जाती है, तब वह सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं बल्कि जीवन निर्माण का जरिया बनती है। कलेक्टर ने समर्पित शिक्षकों को “स्टार ऑफ द मंथ” बताते हुए कहा कि ऐसे शिक्षक ही शिक्षा सुधार के असली नायक हैं।

 

प्रदर्शनी के दौरान प्रशासनिक गंभीरता और अकादमिक दृष्टि का सुंदर संगम देखने को मिला। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी से प्राथमिक शिक्षा तक बेहतर तालमेल, बेस्ट प्रैक्टिसेस के विस्तार और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को जिले भर में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने दूरस्थ अंचलों में कार्यरत शिक्षकों के जज्बे को खास तौर पर सराहा और कहा कि कठिन हालात में भी जो शिक्षक बच्चों तक रोशनी पहुंचा रहे हैं, वही असल मायनों में राष्ट्र निर्माता हैं। प्रदर्शनी में लगे मॉडल, शिक्षण सामग्री और छात्रों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि शिक्षा अब रटने का माध्यम नहीं, बल्कि समझ, कौशल और व्यक्तित्व विकास की मुकम्मल प्रक्रिया बन रही है। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी पीके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रवेश मिश्रा, डीपीसी विनय मिश्रा सहित कई अधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन को प्रशासनिक गरिमा भी प्रदान की।

 

यह टीएलएम प्रदर्शनी महज़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा परिवर्तन की मजबूत दस्तक बनकर सामने आई, जहां शिक्षकों की मेहनत, प्रशासन की प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के उत्साह ने नई उम्मीदों को जन्म दिया। साहित्यिक भाव, शैक्षणिक दृष्टि और प्रशासनिक संकल्प के इस संगम ने साबित किया कि जब शिक्षक प्रेरित होते हैं तो बदलाव अवश्य आता है। जिले में शिक्षा सुधार की यह मुहिम अब आंदोलन का रूप लेती दिख रही है। कलेक्टर विकास मिश्रा का यह संदेश गूंजता रहा कि “राष्ट्र निर्माण की बुनियाद स्कूलों में रखी जाती है और शिक्षक उसके असली शिल्पकार होते हैं।” यही वजह है कि यह प्रदर्शनी शिक्षा जगत के लिए एक मिसाल बन गई और पूरे जिले में सकारात्मक बदलाव की नई इबारत लिख गई।

 

प्राइड कदम हिंदी समाचार एवं प्राइड इंडिया न्यूज़ सीधी ( मध्य प्रदेश)

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