दर्शन के लिए सीधी से भुवनेश्वर पहुँचे पत्रकार,

भगवान श्री लिंगराज के किए भव्य दर्शन
सीधी | भुवनेश्वर (उड़ीसा)
विगत दिनांक 05 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के सीधी जिले से पहुँचे पत्रकारों ने उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित विश्वप्रसिद्ध भगवान श्री लिंगराज मंदिर में दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने “जय हरिहर भगवान लिंगराज” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया।
लिंगराज मंदिर उड़ीसा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर भगवान शिव के हरि-हर स्वरूप को समर्पित है, जिसमें शैव और वैष्णव परंपराओं का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है।
मंदिर का निर्माण किसी एक राजा द्वारा नहीं, बल्कि विभिन्न राजवंशों के काल में चरणबद्ध रूप से संपन्न हुआ। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार 11वीं शताब्दी में सोमवंशी राजा जजाति केशरी ने मंदिर के मुख्य भाग का निर्माण प्रारंभ कराया था। इसके पश्चात 12वीं शताब्दी में गंग वंश के राजाओं के समय मंदिर को उसका वर्तमान भव्य स्वरूप प्राप्त हुआ।
कलिंग वास्तुकला की देउल शैली में निर्मित इस मंदिर का मुख्य शिखर लगभग 55 मीटर (180 फीट) ऊँचा है। मंदिर चार प्रमुख भागों—विमान (गर्भगृह), जगमोहन (प्रार्थना हॉल), नट मंदिर (नृत्य हॉल) एवं भोग मंडप (प्रसाद हॉल) में विभाजित है।
दर्शन उपरांत पत्रकारों ने मंदिर की आध्यात्मिक शांति, ऐतिहासिक महत्व और स्थापत्य सौंदर्य की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया।
जय हरिहर भगवान लिंगराज की जय 🚩🔱