मॉब लिंचिंग पीड़ित अतहर हुसैन के परिजनों को सरकारी नौकरी व मुआवजा दे सरकार, दोषियों को मिले कड़ी सजा —मो. शमसाद शाई

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घोसी (जहानाबाद) | पटना, बिहार

 

जदयू के वरिष्ठ नेता एवं बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के माननीय सदस्य मोहम्मद शमसाद शाई ने नवादा जिले में हुई मॉब लिंचिंग की घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मरहूम अतहर हुसैन के परिजनों को सरकारी नौकरी, समुचित मुआवजा तथा दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।

 

मो. शमसाद शाई ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक विनय कुमार (पटना) एवं गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।

 

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र में असामाजिक तत्वों ने साइकिल से फेरी कर कपड़ा बेचकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले मो. अतहर हुसैन पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर मॉब लिंचिंग की। गंभीर रूप से घायल अतहर हुसैन की इलाज के दौरान मौत हो गई।

 

अल्पसंख्यक आयोग का मानना है कि यदि समय रहते बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर किया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। आयोग ने यह भी कहा कि पुलिस कस्टडी में इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में रोह थाना अध्यक्ष की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

 

मो. शमसाद शाई ने सवाल उठाते हुए कहा कि “जो व्यक्ति साइकिल और कपड़ा लेकर फेरी करता है, वह किसी के घर जाकर चोरी कैसे कर सकता है?” उन्होंने बताया कि अतहर हुसैन पर झूठा मुकदमा दर्ज कर पुलिस कस्टडी में रखा गया, जबकि तत्काल उच्च स्तरीय इलाज की व्यवस्था होनी चाहिए थी।

 

इस मामले में अब तक दर्जनों लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन आयोग और पीड़ित परिवार तेज न्याय प्रक्रिया और कठोर सजा की मांग पर अडिग हैं।

 

— नवीन कुमार, संवाददाता

पटना, बिहार

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