भाजपा में सामूहिक इस्तीफों से मचा राजनीतिक भूचाल — विधायक और जनपद अध्यक्ष पर मनमानी के आरोप

डिण्डौरी/शहपुरा से मनोज कुमार यादव की रिपोर्ट
शहपुरा, डिण्डौरी।
भारतीय जनता पार्टी के संगठन में एक के बाद एक त्यागपत्रों से हड़कंप मच गया है। शहपुरा जनपद पंचायत के कई वरिष्ठ व सक्रिय सदस्यों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक दायित्वों से सामूहिक रूप से त्यागपत्र दे दिया है।
त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी, भोपाल को संबोधित किया गया है।
त्यागपत्र देने वालों में शामिल प्रमुख नाम
सामूहिक रूप से त्यागपत्र देने वालों में —
जितेन्द्र चंदेल (जिलाध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा डिंडौरी एवं जनपद उपाध्यक्ष शहपुरा),
देवीदीन झारिया (जनपद सदस्य, गुरैया),
सरोज परस्ते (पूर्व सरपंच एवं जनपद सदस्य),
देवकरण परस्ते (पूर्व सरपंच एवं जनपद सदस्य),
और मोतीबाई तेकाम (जनपद सदस्य) शामिल हैं।
विधायक और जनपद अध्यक्ष पर गंभीर आरोप
त्यागपत्र में सदस्यों ने विधायक ओमप्रकाश धुर्वे और जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका आर्मो की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों की “सांठगांठ और निजी स्वार्थपूर्ण राजनीति” ने पार्टी की साख को नुकसान पहुँचाया है।
सदस्यों ने जनपद अध्यक्ष पर मनमानी, पक्षपात और संगठन विरोधी रवैये का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि असंतोष के चलते अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया था।
निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी से बढ़ा रोष
त्यागपत्र में कहा गया कि वर्षों से बूथ स्तर तक सक्रिय रहने और चुनावों में पार्टी के लिए काम करने के बावजूद निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है।
विधायक और अध्यक्ष की मनमानी के कारण कार्यकर्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है।
सदस्यों का कहना है कि “हमने पार्टी को मजबूत करने में पूरी निष्ठा से काम किया, पर अब समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए संगठन में कोई स्थान नहीं बचा है।”
टेकेश्वर साहू का भी इस्तीफा, असंतोष हुआ सार्वजनिक
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष व पूर्व जनपद उपाध्यक्ष टेकेश्वर साहू ने भी एक दिन पूर्व पार्टी से इस्तीफा दिया था।
उन्होंने भी अपने पत्र में विधायक और जनपद अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर नाराज़गी जताई थी।
उनके त्यागपत्र के अगले ही दिन अन्य सदस्यों का सामूहिक इस्तीफा सामने आना, भाजपा संगठन में गहरे असंतोष की पुष्टि करता है।
राजनीतिक हलचल तेज, पार्टी नेतृत्व मौन
इन इस्तीफों से शहपुरा की स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम भाजपा के अंदर बढ़ते आंतरिक मतभेदों का संकेत है, जिसके आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल, स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने इस सामूहिक त्यागपत्र पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।