सीधी में अर्धवार्षिक क्राइम मीटिंग सम्पन्न — कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और डिजिटल पुलिसिंग पर हुआ व्यापक मंथन

पुलिस अधीक्षक डॉ. रविंद्र वर्मा के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सीधी के सभागार में अर्धवार्षिक क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर
अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की समीक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, महिला सुरक्षा एवं डिजिटल पुलिसिंग जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में सीएमएचओ श्रीमती बबिता खरे, एडीपीओ श्री प्रशांत पांडेय, एनआईसी से श्री आशुतोष सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, समस्त एसडीओपी, थाना प्रभारियों समेत पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभी अधिकारीगण उपस्थित रहे।
🔹 अपराध नियंत्रण पर सख्त निर्देश — महिला, बाल एवं नशा संबंधी अपराधों पर रहेगा विशेष फोकस
जनवरी से जुलाई 2025 तक के अपराधों की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. वर्मा ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
नशे और मादक पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान
जुआ, सट्टा, चोरी, महिला उत्पीड़न पर त्वरित कार्रवाई
अवैध खनन-परिवहन पर कड़ी कार्यवाही व वाहनों की जब्ती
लंबित वारंट, शांति भंग व यौन अपराधियों की संपत्ति कुर्की पर जोर
जनशिकायतों के शीघ्र एवं निष्पक्ष निराकरण के निर्देश
🔹 तकनीक आधारित पुलिसिंग पर बल — ‘e-रक्षक’, ‘e-साक्ष्य’, ‘e-प्रोसेक्युशन’ के उपयोग के निर्देश
डॉ. वर्मा ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि पुलिसिंग को पारदर्शी व प्रभावी बनाने हेतु तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।
‘e-रक्षक ऐप’ के जरिए अधिक से अधिक समन व वारंट की तामील सुनिश्चित करने पर जोर
‘e-साक्ष्य’ और ‘e-प्रोसेक्युशन’ के माध्यम से विवेचना व अभियोजन की गुणवत्ता सुधारने की बात कही गई
🔹 NIC व अभियोजन विभाग के अधिकारियों का प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन
एनआईसी अधिकारी श्री आशुतोष सिंह ने CCTNS व e-DAR डेटा समन्वय पर प्रशिक्षण दिया, वहीं एडीपीओ श्री प्रशांत पांडेय ने ऑनलाइन विधिक राय लेने की प्रक्रिया समझाई। गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने हेतु रणनीतियों पर भी चर्चा की गई।
🔹 साप्ताहिक जनसुनवाई में फरियादियों से की सीधी बात
बैठक उपरांत आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक डॉ. वर्मा ने स्वयं फरियादियों की समस्याएं सुनीं, जिनमें घरेलू विवाद, जमीन संबंधी मामले, धोखाधड़ी, महिला उत्पीड़न आदि शामिल रहे। संबंधित थाना प्रभारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
👉 निष्कर्ष:
यह बैठक जिले में अपराध नियंत्रण, तकनीकी सशक्तिकरण और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। पुलिस अधीक्षक डॉ. रविंद्र वर्मा द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों से आगामी दिनों में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था की उम्मीद की जा रही है।