“एनटीपीसी की लापरवाही से नाले में बही सैकड़ों टन राख, जल प्रदूषण का खतरा गहराया”

बीना / सोनभद्र: शक्तिनगर स्थित एनटीपीसी सिंगरौली परियोजना के राख निस्तारण विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। भारी बारिश के चलते सैकड़ों टन राख नाले में बह गई, जिससे जल प्रदूषण का खतरा गहराता जा रहा है। यह राख रिहंद जलाशय में जाकर समाहित हो गई है, जो क्षेत्रीय जल स्रोत के लिए गंभीर संकट का संकेत है।
स्थानीय शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर के मेला संरक्षित प्रांगण में एनटीपीसी द्वारा करीब दो वर्ष पूर्व राख फिलिंग कर जमीन का विस्तार किया गया था। मंदिर के पुजारी पं. हेमंत मिश्रा ने पहले ही राख बहाव को रोकने के लिए जल निकासी नाली और वृक्षारोपण की मांग की थी। उन्होंने 25 जून को एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र लिखकर इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित भी किया था, जिसमें बताया गया कि बरसात के चलते राख बहकर नाले में जा रही है, सुरक्षा दीवार टूट गई है और मुख्य मार्ग की स्थिति भी खराब हो चुकी है।
इसके बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिणामस्वरूप गुरुवार को हुई मूसलधार बारिश में राख का भारी बहाव हुआ, जिससे न केवल नाला प्रदूषित हुआ, बल्कि रिहंद जलाशय भी इसकी चपेट में आ गया। अब स्थानीय लोग जल जीवन पर मंडराते खतरे को लेकर चिंतित हैं और एनटीपीसी प्रशासन से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।