चितरंगी की ग्राम पंचायत पराई में निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल

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ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव व उपयंत्री पर अनियमितता के आरोप लगाए, सामुदायिक भवन में अधूरे काम के बावजूद भुगतान का दावा

सिंगरौली/चितरंगी। जनपद पंचायत चितरंगी अंतर्गत ग्राम पंचायत पराई में विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव एवं संबंधित तकनीकी अमले पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सामुदायिक भवन निर्माण कार्य अभी प्रारंभिक स्तर पर है, इसके बावजूद बड़ी राशि का भुगतान/आहरण किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत पराई में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए स्वीकृति आरजी क्रमांक 534/35 के तहत हुई थी, जबकि आरोप है कि निर्माण कार्य वन विभाग की भूमि बीट क्रमांक 864 में कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने निर्माण स्थल और स्वीकृत स्थल की जांच कराने की मांग की है।

अधूरे निर्माण के बीच 2.23 लाख रुपये आहरण का आरोप

ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार सामुदायिक भवन निर्माण के नाम पर ₹2 लाख 23 हजार की राशि निकाले जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर अभी निर्माण की नींव/गड्ढे का कार्य भी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। वहीं, मौके पर काम कर रहे मजदूरों के हवाले से यह भी आरोप लगाया गया है कि निर्माण में लगभग 25 तगाड़ी रेत में एक बोरी सीमेंट मिलाया जा रहा है। इस गुणवत्ता संबंधी आरोप की तकनीकी जांच की मांग की गई है।

विधायक मद के 15 लाख के कार्य पर भी सवाल

ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत पराई के टोला बिछिया में विधायक मद से वर्ष 2025-26 में ₹15 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा करीब 30 घंटे जेसीबी चलाकर कार्य कराया गया, लेकिन कार्य पूर्ण हुए बिना ही लगभग ₹7.50 लाख राशि का आहरण कर लिया गया। ग्रामीणों ने इस मामले में स्वीकृति, माप पुस्तिका, भुगतान रिकॉर्ड एवं स्थल निरीक्षण की जांच की मांग की है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त कार्य से जुड़े ठेकेदार अंकित पाण्डेय, ग्राम पंचायत सचिव कमलेश पाण्डेय के पुत्र हैं। इस संबंध में हितों के टकराव एवं नियमों के पालन की भी जांच किए जाने की मांग उठाई गई है।

शांतिधाम पहुंच मार्ग पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने शांतिधाम पहुंच मार्ग पर स्वीकृत डब्ल्यूबीएम सड़क के कार्य को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क का कार्य पूर्ण नहीं हुआ, जबकि राशि का भुगतान/आहरण कर लिया गया। ग्रामीणों ने संबंधित कार्यों की भौतिक जांच और भुगतान अभिलेखों के मिलान की मांग की है।

सामुदायिक भवन मामले में पहले भी उठ चुके हैं सवाल

उपलब्ध समाचार कटिंग में भी ग्राम पंचायत पराई में सामुदायिक भवन निर्माण को लेकर ग्रामीणों द्वारा उपसरपंच, सरपंच एवं सचिव पर अनियमितता के आरोप लगाए जाने का उल्लेख है। कटिंग के अनुसार ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन की मांग के बाद स्वीकृति मिलने और करीब ₹2.23 लाख भुगतान होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने तथा पोर्टल पर बिल अपलोड किए जाने पर सवाल उठाए थे।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं जनपद पंचायत के अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम पंचायत पराई में सामुदायिक भवन, विधायक मद के निर्माण कार्य और शांतिधाम पहुंच मार्ग सहित अन्य कार्यों की स्थल पर जाकर जांच कराई जाए। साथ ही स्वीकृति आदेश, तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और निर्माण की वास्तविक प्रगति का मिलान कराया जाए।

ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित सरपंच, सचिव, उपयंत्री एवं अन्य जिम्मेदार पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना आवश्यक होगा।

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