डेढ़ साल से अधूरा रास्ता, बारिश में घुटनों तक पानी; अझवार के ग्रामीण परेशान

(जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव)
सड़क और पुलिया निर्माण के बीच बाधित हुई जल निकासी, बार-बार अस्थायी नाली बनाने से नहीं मिल रहा स्थायी समाधान
मनोज कुमार यादव
डिंडौरी। विकास कार्यों के नाम पर सड़क और पुलिया निर्माण भले ही कराया जा रहा हो, लेकिन इन निर्माण कार्यों के चलते अझवार के ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। बस स्टैंड अझवार से आवास मोहल्ले तक जाने वाला आम रास्ता पिछले करीब डेढ़ साल से बदहाल स्थिति में है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो गई है। रास्ते में घुटनों से ऊपर तक गंदा और मटमैला पानी जमा होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार पाली-बटौंधा सड़क निर्माण के दौरान इस मार्ग की सीसी रोड क्षतिग्रस्त हो गई थी। निर्माण सामग्री के रूप में गिट्टी और रेत आदि सड़क पर रखे जाने से भी आवागमन प्रभावित रहा। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़क को दुरुस्त कर एप्रोच रोड का निर्माण कराया जाएगा, लेकिन लंबे समय बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
पुलिया निर्माण के दौरान फिर बाधित हुआ पानी का रास्ता
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया निर्माण के दौरान जेसीबी से मिट्टी की खुदाई किए जाने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई। बारिश शुरू होने के बाद पानी रास्ते में जमा होने लगा। ग्रामीणों के विरोध के बाद पानी निकालने के लिए अस्थायी नाली बनाई गई, जिससे कुछ समय तक राहत मिली।
हालांकि, पुलिया की साइड वॉल बनाने के दौरान दोबारा खुदाई किए जाने से पानी की निकासी फिर बाधित हो गई। इसके बाद बारिश होने पर रास्ते में दोबारा जलभराव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार अस्थायी नाली बनाकर पानी निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान यह व्यवस्था फिर प्रभावित हो जाती है।
डेढ़ साल से परेशानी, अब स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कुछ दिनों की नहीं, बल्कि करीब डेढ़ साल से चली आ रही है। निर्माण कार्य के कारण पहले सड़क खराब हुई और अब जल निकासी बाधित होने से बारिश के दिनों में रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों के आवागमन और पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि बार-बार अस्थायी इंतजाम करने के बजाय स्थायी जल निकासी व्यवस्था और सुगम आवागमन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
एप्रोच रोड और स्थायी जल निकासी की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि बस स्टैंड अझवार से आवास मोहल्ले तक क्षतिग्रस्त सीसी रोड पर एप्रोच रोड का निर्माण कराया जाए। साथ ही जल निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के दौरान रास्ते में पानी और कीचड़ जमा न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया और जलभराव के कारण कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार विभाग की होगी।