मनरेगा भुगतान को लेकर मेटों में आक्रोश, 15 दिन में भुगतान नहीं तो आंदोलन

(जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव )
शहपुरा। मनरेगा योजना के तहत मजदूरों एवं ग्राम पंचायत मेटों के लंबित भुगतान को लेकर बुधवार को शहपुरा के दुर्गा स्टेडियम में मनरेगा मेटों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहपुरा ब्लॉक से पहुंचे महिला एवं पुरुष मेटों ने भुगतान में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताई और आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। बैठक का नेतृत्व मनरेगा मेट संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय झारिया ने किया।
बैठक में मेटों ने बताया कि वीबी-जी रामजी योजना लागू होने के बाद से मजदूरों और ग्राम पंचायत मेटों के भुगतान में लगातार देरी हो रही है। उनका कहना है कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों को निर्धारित समय सीमा में मजदूरी का भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने से मजदूरों के साथ-साथ मेटों को भी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मेटों ने कहा कि मनरेगा कार्यों में मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और कार्यों की निगरानी में मेटों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद भुगतान लंबित रहने से उनके परिवारों के भरण-पोषण पर असर पड़ रहा है। बैठक में इस समस्या के शीघ्र निराकरण की मांग को लेकर संगठन स्तर पर आगे की रणनीति तय की गई।
15 दिन का दिया अल्टीमेटम
बैठक में उपस्थित मेटों ने निर्णय लिया कि यदि 15 दिवस के भीतर मजदूरों एवं ग्राम पंचायत मेटों के लंबित भुगतान का निराकरण नहीं किया जाता है, तो संगठन द्वारा एक दिवसीय आंदोलन किया जाएगा। मेटों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि लंबित भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर मजदूरों एवं मेटों को राहत प्रदान की जाए।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संजय झरिया के साथ ब्लॉक अध्यक्ष हर प्रसाद उरैति, उपाध्यक्ष कोषाध्यक्ष चौरसिया प्रसाद झरिया, संतोष कुमार मार्को, सोनू लाल कनौजिया सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों से महिला एवं पुरुष मेट तथा संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मेटों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में भुगतान संबंधी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो संगठन अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होगा।