7 माह से लापता नाबालिग बालिका बेंगलुरु से सुरक्षित दस्तयाब

तकनीकी साक्ष्यों और लगातार प्रयासों से अमिलिया पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 2350 किलोमीटर दूर अवल्लाहल्ली से बरामद
सीधी। अमिलिया पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 7 माह से लापता 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को बेंगलुरु, कर्नाटक से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल की मदद और लगातार निगरानी के आधार पर करीब 2350 किलोमीटर दूर अवल्लाहल्ली, बेंगलुरु सिटी से बालिका को दस्तयाब किया।
जानकारी के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को 17 वर्षीय नाबालिग अपने पड़ोसियों के साथ मेला देखने गई थी। मेला समाप्त होने के बाद देर शाम तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने अमिलिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सीधी श्री संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी एवं एसडीओपी चुरहट श्री रवि प्रकाश कौल के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी अमिलिया निरीक्षक राकेश बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण किया।
पुलिस के अनुसार, मार्च माह में भी तकनीकी जानकारी के आधार पर टीम को बेंगलुरु भेजा गया था, लेकिन बालिका और उसके साथ मौजूद व्यक्ति लगातार अपना स्थान बदलते रहे। इसके बाद पुलिस ने पुनः तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की सहायता से संभावित ठिकाने की जानकारी जुटाई।
इसी क्रम में पुलिस टीम 25 अगस्त 2026 को अवल्लाहल्ली, बेंगलुरु सिटी पहुंची और बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद बालिका को अमिलिया थाना लाया गया और बाद में उसके पिता के सुपुर्द किया गया।
इस कार्रवाई में निरीक्षक राकेश बैस, सउनि उग्रभान मिश्रा, प्रआर. 379 जयराम सैनी, प्रआर. 46 राजेन्द्र सिंह, म.आर. 428 संगीता बैस, आरक्षक कृष्णमुरारी एवं साइबर सेल की विशेष भूमिका रही।
सीधी पुलिस का कहना है कि गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिगों की दस्तयाबी के लिए पुलिस द्वारा लगातार गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जा रही है।