पेपर लीक की पटकथा मध्यप्रदेश से लिखी गई, व्यापमं घोटाले का खामियाजा भुगत रहे करोड़ों युवा: अजय सिंह

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भोपाल, 8 अगस्त। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों की पटकथा मध्यप्रदेश में ही पहले लिखी गई थी। उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार के कार्यकाल का व्यापमं घोटाला देश का बड़ा और संगठित परीक्षा घोटाला था, जिसके दुष्परिणाम आज भी युवा भुगत रहे हैं।

अजय सिंह ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा घोटालों ने करोड़ों होनहार युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। यदि व्यापमं मामले में उस समय शीर्ष स्तर के नेताओं और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई होती, तो यह देश के लिए मिसाल बनती और पेपर लीक करने वालों के हौसले बुलंद नहीं होते। उन्होंने कहा कि इससे नीट सहित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों पर भी पहले ही रोक लग सकती थी।

उन्होंने व्यापमं घोटाले को केवल आर्थिक भ्रष्टाचार का मामला नहीं बताते हुए कहा कि जांच शुरू होने के बाद कई गवाहों, पत्रकारों और संदिग्धों सहित अनेक लोगों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई। उनके मुताबिक, आज भी कई जांच और अदालती मामले लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े आरोपियों को बचाया गया और छोटे लोगों को कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश से शुरू हुआ परीक्षा भ्रष्टाचार का यह सिलसिला अब राष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है। सरकारें जांच समितियों और औपचारिक कार्रवाई तक सीमित हैं, जबकि युवाओं के भविष्य पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है।

अजय सिंह ने मांग की कि व्यापमं से जुड़े लंबित मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाए और बड़े दोषियों को तत्काल सजा दिलाई जाए। साथ ही परीक्षा प्रणाली में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लग सके तथा छात्रों का विश्वास बहाल हो।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी ‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से छात्रों की समस्याओं और उनकी उम्मीदों को देश के सामने उठा रहे हैं। अजय सिंह ने कहा कि छात्रों से संवाद और उनकी समस्याओं को सुनने की आवश्यकता है तथा उन्हें विश्वास है कि राहुल गांधी के प्रयासों के दूरगामी परिणाम सामने आएंगे।

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