गांवों की गलियों में आवारा मवेशियों का आतंक, स्कूली बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा
गांवों की गलियों में आवारा मवेशियों का आतंक, स्कूली बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा

सीधी/क्षेत्र के अनेक गांवों में इन दिनों आवारा मवेशियों का जमावड़ा आम बात हो गई है। गांव की मुख्य सड़कों और गलियों में बड़ी संख्या में मवेशी बैठे रहने से आमजन, विशेषकर स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों के लिए विद्यालय आना-जाना जोखिम भरा हो गया है, क्योंकि कब कोई मवेशी अचानक हमला कर दे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
ग्रामीणों के अनुसार कई बार आवारा मवेशी दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर भी हमला कर देते हैं, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इससे वाहन चालकों और राहगीरों में हमेशा डर का माहौल बना रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत स्तर पर आवारा मवेशियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। वहीं, शासन-प्रशासन की ओर से भी इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि गांवों में आवारा मवेशियों को सुरक्षित गौशालाओं या निर्धारित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और आमजन को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।