बिजली की अघोषित कटौती पर जनपद अध्यक्ष श्यामवती सिंह का हमला, आंदोलन की दी चेतावनी

42 ग्राम पंचायतों में लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मर खराब और बार-बार फॉल्ट से जनता परेशान, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
सीधी। जिले के आदिवासी अंचल कुसमी क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार आने वाले फॉल्ट को लेकर जनपद पंचायत कुसमी की अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेत्री श्यामवती सिंह ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता के साथ आंदोलन किया जाएगा।
श्यामवती सिंह ने कहा कि कुसमी जनपद पंचायत की 42 ग्राम पंचायतों के लोग लंबे समय से बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। कई गांवों में वर्षों पुराने ट्रांसफार्मर लगे होने के कारण लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या बनी हुई है, वहीं कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर जलने के बाद भी समय पर नहीं बदले गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुसमी–पौड़ी फीडर में आए दिन फॉल्ट आने से करीब एक दर्जन गांवों में घंटों तक बिजली गुल रहती है। इसका सीधा असर ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या, किसानों के कार्य और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
जनपद अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग में कर्मचारियों की तैनाती और कार्य व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। कई कर्मचारी पदस्थापना स्थल पर नियमित रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की समस्याएं और बढ़ रही हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद पर्याप्त मशीनरी और संसाधनों का अभाव होने से फॉल्ट सुधार कार्य में भी अनावश्यक देरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि विभाग मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद रखता है, लेकिन उसके बाद भी लगातार फॉल्ट सामने आ रहे हैं। इससे रखरखाव कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने जिला स्तर के अधिकारियों पर भी प्रभावी निगरानी नहीं रखने का आरोप लगाया।
श्यामवती सिंह ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही विद्युत व्यवस्था में सुधार कर जनता को राहत नहीं दी गई तो कुसमी जनपद की 42 ग्राम पंचायतों के लोगों के साथ उनके नेतृत्व में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। रिपोर्ट अमित गौतम सीधी