“राशन खा गया सिस्टम?” खैरा के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जिला पंचायत CEO की गाड़ी रोकी; कोटेदार पर दो माह का राशन हड़पने का आरोप

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ई-केवाईसी के नाम पर दो-दो बार अंगूठा लगवाने का आरोप, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

सीधी। जिले की ग्राम पंचायत खैरा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सरपंच सविता वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) शैलेंद्र सिंह सोलंकी की गाड़ी का करीब 10 मिनट तक घेराव कर रास्ता रोक दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का कोटेदार ई-केवाईसी और राशन वितरण के नाम पर हितग्राहियों से दो-दो बार अंगूठा लगवाता है, लेकिन दो माह का राशन देने के बजाय केवल एक माह का ही राशन वितरित करता है। इससे गरीब एवं पात्र हितग्राही अपने अधिकार से वंचित हो रहे हैं।

ग्रामीणों और सरपंच सविता वर्मा ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में एसडीएम तथा जनपद पंचायत सीईओ को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है। कार्रवाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों को जिला पंचायत कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान जैसे ही जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह सोलंकी कार्यालय से बाहर निकले, महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण उनकी गाड़ी के सामने खड़े हो गए। कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बाद में अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि प्राप्त शिकायत की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। यदि जांच में राशन वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और सभी पात्र हितग्राहियों को उनका पूरा राशन नहीं मिला, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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