36 वर्ष 4 माह 2 दिन की शासकीय सेवा के बाद एस.एन. द्विवेदी का भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह

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सीधी। जनजातीय कार्य विभाग के पूर्व परियोजना प्रशासक एवं पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.एन. द्विवेदी के सेवानिवृत्ति उपरांत टिकरी स्थित परिणय वाटिका में भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार मिश्रा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में कर्मचारियों एवं नागरिकों ने भाग लिया।

 

समारोह में जिला पंचायत सदस्य कृष्णलाल पयासी (छोटू), जिला पंचायत सदस्य हीराबाई सिंह, जनपद अध्यक्ष मझौली सुनैना सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शेषमणि पनिका, जनपद सदस्य जमुनी देवी, अधिवक्ता बद्री मिश्रा, पूर्व मंडल अध्यक्ष संतोष उर्मलिया, मंडल अध्यक्ष के.के. मिश्रा, सहायक आयुक्त जे.एस. उइके, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा, सरपंच संघ ब्लॉक अध्यक्ष मकरंद सिंह उइके सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य कृष्णलाल पयासी ने कहा कि एस.एन. द्विवेदी का प्रशासनिक कार्यकाल अत्यंत सराहनीय रहा। उनकी नेतृत्व क्षमता, कार्यकुशलता और सभी को साथ लेकर चलने की शैली उन्हें एक अलग पहचान देती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा से भले ही वे सेवानिवृत्त हो गए हों, लेकिन सीधी जिले के लोगों के दिलों में उनका स्थान हमेशा बना रहेगा।

 

जिला पंचायत सदस्य हीराबाई सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्ति केवल शासकीय दायित्वों से मुक्ति है, समाज और लोगों के बीच उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। वहीं कुसमी जनपद उपाध्यक्ष भूपाल सिंह ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान द्विवेदी ने पक्ष-विपक्ष सभी के साथ समान व्यवहार किया और किसी को भी निराश नहीं होने दिया।

 

पूर्व जिला पंचायत सदस्य शेषमणि पनिका ने कहा कि एस.एन. द्विवेदी केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं रहे, बल्कि उन्होंने अपने कार्यों की ऐसी अमिट छाप छोड़ी है जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनकर समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

 

सहायक आयुक्त जे.एस. उइके ने कहा कि उनके साथ कार्य करने का अवसर मिला और उन्होंने प्रशासनिक कार्यों की बारीकियां सीखीं। उनका मार्गदर्शन सदैव प्रेरणादायक रहेगा।

 

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी छोड़ी अमिट पहचान

 

एस.एन. द्विवेदी ने प्रशासनिक सेवाओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया। कुसमी स्थित प्रसिद्ध तमन्ना वाटिका को विकसित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने अपने निजी व्यय से लगभग 10 लाख रुपये खर्च कर विभिन्न प्रजातियों के सैकड़ों पौधे रोपित किए। इसके साथ ही स्थानीय जनसहयोग से बरी नदी के सौंदर्यीकरण और संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाई। आज तमन्ना वाटिका क्षेत्र की पहचान बन चुकी है और वहां लगाए गए अनेक पौधे फलदार वृक्षों के रूप में विकसित हो चुके हैं।

 

कुसमी एवं मझौली में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने पंचायतों के विकास, पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

 

समारोह में जवाहर यादव, युवा मोर्चा अध्यक्ष लाला भैया शुक्ला, सांसद प्रतिनिधि राजकुमार तिवारी, समाजसेवी शेषमणि मिश्रा, रामकृष्ण गुप्ता, शंभू केशरवानी, परियोजना प्रशासक पी.के. पाण्डेय, उपयंत्री इंद्रलाल सिंह, कुंवर आजाद सिंह, जे.बी. सिंह, अरविंद तिवारी, संजय सिंह, सुरेंद्र सिंह, अमित जाटव, अमृतलाल गुप्ता, बसंत कोल, लेखाधिकारी संतोष निगम, जे.पी. झारिया, पंकज मिश्रा, रामसुख यादव, रामपाल सिंह, सुजीत कुमार सिंह, बृजेश कुमार पनिका, दिनेंद्र सिंह, अशोक बैस, विनीत शुक्ला, हर्ष नारायण सिंह, विजय सिंह, अंबुज द्विवेदी, शिवप्रसाद यादव, शिवपूजन शुक्ला, मनोज यादव, राममिलन प्रजापति, कमलेश पाण्डेय, हिमांशु शुक्ला, सुरेंद्र टांडिया, भुवन सिंह, भगवंती सिंह तथा दादर स्पोर्ट्स म्यूजिक संस्थान के संयोजक कनक द्विवेदी सहित पंचायत, जनजातीय कार्य एवं शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारी-कर्मचारी और मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एस.एन. द्विवेदी के दीर्घायु, स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।

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