कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दिखा दुर्लभ ‘कैराकल’, दशकों बाद कैमरे में कैद हुई रहस्यमयी जंगली बिल्ली

श्योपुर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। यहां दशकों बाद एक बेहद दुर्लभ जंगली बिल्ली ‘कैराकल’ (Caracal) कैमरा ट्रैप में कैद हुई है। इस दुर्लभ वन्यजीव की मौजूदगी ने वन विभाग, वन्यजीव विशेषज्ञों और प्रकृति प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ा दी है।
कैराकल अपनी लंबी टांगों, सुनहरे-भूरे रंग के शरीर और कानों के सिरों पर मौजूद काले बालों के गुच्छों के लिए पहचानी जाती है। यह एक अत्यंत फुर्तीला और शर्मीला शिकारी जीव है, जिसे खुले घास के मैदानों, झाड़ियों और शुष्क क्षेत्रों में रहना पसंद होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में कैराकल की संख्या बेहद कम रह गई है और इसे देश के सबसे दुर्लभ वन्यजीवों में गिना जाता है। ऐसे में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में इसकी मौजूदगी का प्रमाण मिलना जैव विविधता संरक्षण के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कैमरा ट्रैप में कैद हुई तस्वीरों की विशेषज्ञों द्वारा पुष्टि की गई है। यह खोज इस बात का भी संकेत है कि कूनो का पारिस्थितिकी तंत्र दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए अनुकूल बना हुआ है।
गौरतलब है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहले से ही चीता पुनर्स्थापन परियोजना के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा है। अब दुर्लभ कैराकल की मौजूदगी ने इस उद्यान के वन्यजीव महत्व को और बढ़ा दिया है।
प्राइड इंडिया न्यूज़
रिपोर्ट : शाहिद खान