औद्योगिक प्रदूषण के विरुद्ध संतों का ‘अग्नि तप’: दादू तपोवन को बचाने के लिए आर-पार की जंग शुरू

बिचून-सांभर मार्ग। राजस्थान की झुलसा देने वाली गर्मी और आसमान से बरसती आग के बीच, आस्था और प्रकृति को बचाने का एक विचलित कर देने वाला दृश्य सामने आया है। ऐतिहासिक भैराना तपोवन (दादू तपोवन) को औद्योगिक ‘जहर’ और रसायनों से मुक्त कराने के लिए साधु-संतों ने मोर्चा खोल दिया है।
धधकती धूणी और भीषण गर्मी: संकल्प की परीक्षा
पारे के बढ़ते स्तर के बावजूद, तपोवन के निकट मैदान पर साधुओं ने ‘धूणी’ रमाकर अपना अनिश्चितकालीन अग्नि तप प्रारंभ कर दिया है। एक तरफ सूर्य का प्रचंड ताप है, तो दूसरी तरफ तपोवन की पवित्रता को अक्षुण्ण रखने की संतों की जिद। संतों का यह कठिन तप शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
आंदोलन की मुख्य माँगें और चिंताएँ
आंदोलनकारियों और संतों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि अस्तित्व की लड़ाई है। उनकी प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं:
औद्योगिक कचरे पर रोक: क्षेत्र को औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले जहरीले रसायनों और कचरे से पूर्णतः मुक्त किया जाए।
लिखित आदेश की अनिवार्यता: जब तक सरकार ठोस कार्रवाई करते हुए लिखित आदेश जारी नहीं करती, यह धरना समाप्त नहीं होगा।
पारिस्थितिकी की बहाली: प्रदूषण के कारण नष्ट हुए हजारों पेड़ों और असंख्य वन्यजीवों की क्षतिपूर्ति हेतु तत्काल प्रभाव से उपाय किए जाएं।
“हम प्रकृति और तपोवन के रक्षक हैं। जब विकास के नाम पर विनाश हो रहा हो, तो मौन रहना अपराध है। हम भीषण गर्मी में अग्नि तप इसलिए कर रहे हैं ताकि सरकार की चेतना जाग सके और आने वाली पीढ़ियां शुद्ध हवा-पानी में सांस ले सकें।” > — धरने पर बैठे साधु-संत
जनसमर्थन और बढ़ता आक्रोश
इस आंदोलन को केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के रूप में भी देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों का जत्था भी धीरे-धीरे संतों के इस संकल्प से जुड़ रहा है। लोगों का मानना है कि आध्यात्मिक ऊर्जा के इस केंद्र को औद्योगिक जहर की बलि नहीं चढ़ने दिया जाएगा।
निष्कर्ष:
तपोवन की शांति अब नारों और तप की तपन में बदल चुकी है। प्रशासन के लिए यह अग्नि तप एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि संतों ने अब ‘आर-पार की लड़ाई’ का उद्घोष कर दिया है। देखना यह होगा कि सरकार इस ‘अग्नि तप’ की तपिश को शांत करने के लिए क्या कदम उठाती