“आवास योजना में बड़ा घोटाला” : सारसताल में रोजगार सहायक पर गरीबों की रकम हड़पने के आरोप

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जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट

डिंडोरी। जिले के जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सारसताल में आवास योजनाओं में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यहां पदस्थ रोजगार सहायक उमेद सिंह परस्ते पर आरोप है कि उन्होंने हितग्राहियों से किस्त की राशि लेकर निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया, जिससे गरीब परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 

ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना और पीएम जनमन आवास योजना के तहत स्वीकृत लाभार्थियों से “निर्माण कार्य कराने” के नाम पर पूरी राशि अपने पास ले ली गई। रोजगार सहायक द्वारा स्वयं को ठेकेदार बताकर लोगों से पैसा लिया गया और आश्वासन दिया गया कि मकान बनाकर दिया जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि कई घर आज भी अधूरे पड़े हैं।

 

गांव में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कहीं केवल दीवारें खड़ी हैं, तो कहीं छत का काम अधूरा है। कुछ निर्माण कार्य शुरू होने के बाद बीच में ही बंद कर दिए गए। वहीं आरोप है कि कागजों में इन मकानों को पूर्ण दिखाकर पूरी राशि का भुगतान निकाल लिया गया।

 

सबसे गंभीर मामला रानी बूढ़ार का बताया जा रहा है, जहां एक ही परिवार के पति-पत्नी दोनों के नाम से आवास स्वीकृत कर राशि आहरित की गई। आरोप है कि एक मकान को पूर्ण दर्शाया गया, जबकि दूसरा अधूरा है, इसके बावजूद रिकॉर्ड में दोनों निर्माण कार्य पूर्ण बताए गए हैं।

 

ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जनपद पंचायत, जिला प्रशासन और जनसुनवाई में भी की है। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि रोजगार सहायक के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच की जाए, तो आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।

 

अब सवाल यह उठता है कि गरीबों को पक्के मकान देने वाली योजना में इस तरह की गड़बड़ी के जिम्मेदारों पर प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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