72 – 72 से नक्सल समस्या पर केन्द्रित डाॅ मुन्नालाल देवदास के अद्वितीय नवाचार को मिला वर्ल्ड रिकॉर्ड

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नक्सली अपनी ऊर्जा शक्ति , जब राष्ट्र निर्माण में लगाएंगे।
अपने हाथों में तिरंगा लेकर , जब वंदे मातरम गाएंगे ।।
तब विकसित भारत की राह में, वो महती भूमिका निभाएंगे।

– छत्तीसगढ़ राज्य के कोपरा नगर निवासी राष्ट्रपति व राज्यपाल पुरस्कृत सेवानिवृत्त प्रधान पाठक एवं इनोवेटिव एजुकेशनिस्ट डाॅ मुन्नालाल देवदास ने 72 – 72 और मानस की चौपाई से बस्तर की नक्सल समस्या समाधान पर एक रोचक ज्ञानवर्धक और समसामयिक नवाचार किए हैं । जिसमें श्रीराम चरित मानस और भारतीय संविधान का महत्वपूर्ण उल्लेख है।

– इस अद्वितीय नवाचार को द आइडियल इंडियन बुक आफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है । इसका प्रसारण टीवी न्यूज और विद्या कोचिंग सेंटर के साथ यूट्यूब में भी किया गया है। जिसे आप कभी भी आसानी से देख सकते हैं।

– इस नवाचार में डाॅ देवदास ने रामायण काल से लेकर वर्तमान काल तक बस्तर के बदलते स्तर पर तुलनात्मक विवरण अंकों के माध्यम से किए हैं ।

– उन्होंने आगे बताया है कि बस्तर का यह भूभाग रामायण काल में दंडकारण्य के नाम से और छत्तीसगढ़ दक्षिण कौशल व अयोध्या उत्तर कौशल के नाम से जाना जाता था।

– इसी दंडकारण्य में श्रीराम जी अपने 14 वर्षों के बनवास काल में निसाचरों के आतंक का अंत करके ऋषि मुनियों और बनवासियों को भयमुक्त किए थे, सबको सुखमय जीवन प्रदान किए थे।

– जिसका उल्लेख श्री राम चरित मानस में इस प्रकार किया गया है –
दंडकवन प्रभू कीन्ह सुहावन ।
जन मन अमित नाम किए पावन।।

– डाॅ देवदास ने इसी चौपाई के चार शब्दों जन, मन ,अमित नाम पर सांकेतिक नवाचार करते हुए कहा कि जन शब्द का सांकेतिक अर्थ – जनजाति से, मन का संकेतार्थ – मन की बात करने वाले प्रधान मंत्री मोदी जी से और अमित नाम का सांकेतिक अर्थ – केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी से लगा सकते हैं । जो बस्तर के स्तर को सुधारने और आतंक का अंत करने के लिए निरंतर क्रियाशील हैं।

– डाॅ देवदास ने इस नवाचार में कहा है कि श्रीराम की रीति नीति को अपना कर, श्रीराम के पद चिह्ननों पर चलकर सरकार भी आतंक का अंत करने में सफलता पा सकती है ।

– डाॅ देवदास का मानना है कि विकसित बस्तर ही विकसित भारत की बुनियाद है । दूसरे शब्दों में कहें तो भयमुक्त बस्तर ही भयमुक्त भारत की आधारशिला है।

– डाॅ देवदास ने अपने नवाचार के माध्यम से नक्सली भाई बहनों को अपनी ऊर्जा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में , जनकल्याण में लगाने की अपील की है।

– डाॅ देवदास को इस उपलब्धि के लिए देश प्रदेश की अनेक शैक्षिक , साहित्यिक , सांस्कृतिक, सामाजिक संगठनों, मानस संघों और कोपरा नगरवासियों द्वारा बधाई और शुभकामनाएं दी गई है।

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