महोबा में सलाखों के पीछे से परीक्षा केंद्र पहुंचा बंदी, दी इंटर की परीक्षा

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महोबा में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान एक छात्र पुलिस के कड़े पहरे में इंटरमीडिएट का पेपर देने केंद्र पहुँचा। छेड़खानी के आरोप में 5 दिन पहले जेल गए धीरेंद्र कुमार गौर को पुलिस अभिरक्षा में श्रीनगर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज ले जाया गया। छात्र का दावा है कि विवाद छेड़खानी का नहीं बल्कि थप्पड़ मारने का था, जिसके चलते उसे जेल जाना पड़ा।

 

 

शिक्षा की लौ अक्सर जेल की ऊंची दीवारों को लांघकर अपना रास्ता बना ही लेती है। महोबा जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान एक ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहां एक हाथ में कलम और दूसरे हाथ में कानून का पहरा नजर आया। जिला उपकारागार में बंद एक बंदी आज पुलिस वैन से अपनी इंटरमीडिएट की परीक्षा देने केंद्र पहुंचा। सिंघनपुर बघारी गांव का रहने वाला धीरेंद्र कुमार गौर, जो मुकुंद लाल इंटर कॉलेज का छात्र है, वर्तमान में छेड़खानी के एक मामले में जिला जेल में निरुद्ध है। परीक्षा केंद्र पर पहुंचे धीरेंद्र ने अपनी आपबीती सुनाते हुए मामले को अलग मोड़ दे दिया है। धीरेंद्र का दावा है कि वह महज 5 दिन पहले ही जेल गया है। उसका आरोप है कि जब वह अपना प्रवेश पत्र लेने गया था, तब एक युवती ने उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली-गलौज की थी। आवेश में आकर उसने युवती को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद उस पर छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। जेल की बंद कोठरी में पढ़ाई का माहौल नहीं मिल पाया। धीरेंद्र ने बताया कि जेल जाने के कारण वह बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं कर सका। आज हिंदी के पहले पेपर के दिन ही उसके पास किताबें पहुंचीं, जिन्हें उसने सरसरी तौर पर देखा। छात्र का कहना है कि पुरानी यादों और थोड़ी-बहुत तैयारी के भरोसे वह अपना भविष्य बचाने की कोशिश कर रहा है। आज जब परीक्षा शुरू हुई, तो जेल प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उसे श्रीनगर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचाया। तलाशी के बाद उसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया, जहां उसने पुलिस अभिरक्षा में परिक्षा दी है। कानून की नजर में धीरेंद्र एक अभियुक्त जरूर है, लेकिन संवैधानिक व्यवस्था ने उसे शिक्षा का अधिकार देकर जेल की दीवारों के बीच भी उम्मीद की एक किरण जगाई है।

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