ग्राम मारूड में आंगनवाड़ी नियुक्ति पर मचा बवाल: महिलाओं ने कलेक्टर से की शिकायत

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संवाददाता- निलेश कलसकर जिला ब्युरो चिफ पांढुरना

पांढुरना। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम मारूड (केंद्र क्रमांक 01) में आंगनवाड़ी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में आवेदिकाओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

क्या है पूरा मामला?

आवेदिकाओं का कहना है कि विभाग ने पहले 29 दिसंबर 2025 को विज्ञापन जारी कर आंगनवाड़ी ‘कार्यकर्ता’ के पद पर ऑनलाइन आवेदन मंगवाए थे। लेकिन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद विभाग ने एक नया आदेश जारी कर इसे ‘लिपिकीय त्रुटि’ बताया और कार्यकर्ता के स्थान पर ‘सहायिका’ का पद रिक्त घोषित कर दिया।

महिलाओं के प्रमुख आरोप:

पद रिक्त ही नहीं: ग्रामीणों का दावा है कि केंद्र क्रमांक 01 में सहायिका का पद रिक्त ही नहीं है, वहां पहले से ही श्रीमती अर्चना पांडव कार्यरत हैं। नियुक्ति कार्यकर्ता के पद पर होनी चाहिए थी।

सूचना का अभाव: विभाग ने संशोधित आदेश की जानकारी ग्राम पंचायत को समय पर नहीं दी। आरोप है कि यह आदेश गुपचुप तरीके से 16 जनवरी को दीवार पर चिपकाया गया।

धोखाधड़ी और राजनीतिक दबाव: आवेदिकाओं ने आरोप लगाया कि विभाग किसी को पदोन्नति देने या अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए पोर्टल की गलती का बहाना बना रहा है। महिलाओं ने इसे शिक्षित आवेदिकाओं के साथ धोखा बताया है।

विभाग का पक्ष:

परियोजना अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पोर्टल पर तकनीकी गलती के कारण सहायिका की जगह कार्यकर्ता का पद दर्ज हो गया था। विभाग ने अब स्पष्ट किया है कि कार्यकर्ता पद के लिए किए गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा और भविष्य में सहायिका पद के लिए अलग से सूचना दी जाएगी।

ग्राम मारूड की आकांक्षा बालपांडे, सरिता सांभारे प्रियंका डोईजोड, अंकिता नारनवरे और अन्य महिलाओं ने मांग की है कि पुराने विज्ञापन के आधार पर ही कार्यकर्ता की नियुक्ति की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।

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