सिहावल विकासखंड की पंचायतों में भ्रष्टाचार बेलगाम, कागज़ों में विकास और ज़मीन पर बदहाली
सड़कों पर अतिक्रमण, तालाब गंदगी में तब्दील, नल-जल योजना ठप – जनता बेहाल

सीधी। जिले के सिहावल विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार की जड़ें लगातार मजबूत होती जा रही हैं। कागज़ों में विकास कार्य पूरे दिखा दिए जाते हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। गांव-गांव में सड़कों पर अतिक्रमण की परत दर परत जड़ें जम चुकी हैं, जिससे ग्रामीण मार्ग संकरे हो गए हैं और कई स्थानों पर सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।
तालाबों की साफ-सफाई और गहरीकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, लेकिन मौके पर न तो सफाई नजर आती है और न ही गहरीकरण का कोई चिन्ह। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से किसी भी तालाब की वास्तविक जांच नहीं हुई है। जिम्मेदार अधिकारी न तो गांवों में पहुंचते हैं और न ही योजनाओं की निगरानी करते हैं।
नल-जल योजनाओं की स्थिति और भी चिंताजनक है। कई पंचायतों में पानी की टंकियां बने दो-दो साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक उनमें पानी नहीं पहुंचा। ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, वहीं कागज़ों में योजना पूरी दिखा दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अधिकारी गांवों में आते ही नहीं, निरीक्षण नहीं होता, तो भ्रष्टाचार होना लाज़मी है। शासन की योजनाएं कागज़ों तक सीमित रह गई हैं और आम जनता बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सिहावल विकासखंड की सभी पंचायतों के विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।