सूचना पटल गायब, निर्माण में तकनीकी खामियाँ—औराई में ग्राम आरोग्य केंद्र की गुणवत्ता पर सवाल

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट
डिंडौरी।
जिला मुख्यालय से मात्र तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत औराई में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम आरोग्य केंद्र का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। शासन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके गांव के समीप बेहतर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन निर्माण की मौजूदा स्थिति इस महत्वाकांक्षी योजना पर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और तकनीकी लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार निर्माणाधीन भवन की नींव और स्ट्रक्चर में निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। बीम में मानक के अनुसार लोहे की मात्रा कम डाली जा रही है, वहीं भवन की मजबूती के लिए आवश्यक अतिरिक्त रॉड का उपयोग भी नहीं किया गया है। रिंग की स्पेसिंग आवश्यकता से अधिक रखी गई है, जिससे कॉलम की पकड़ कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही रिंग का साइज भी तय मानकों से अधिक होने की बात सामने आई है, जिसे तकनीकी दृष्टि से गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
निर्माण कार्य के दौरान लेवल मशीन या अन्य तकनीकी उपकरणों से समुचित लेवलिंग नहीं की जा रही है, जिससे भवन के संतुलन और दीर्घकालिक सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। जहां पत्थर या निर्धारित सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए था, वहां कवर ब्लॉक का सही ढंग से उपयोग नहीं किया गया है। वहीं ‘वाई-वेटर’ (Y-Water) जैसी जरूरी तकनीक का भी इस्तेमाल नहीं हो रहा है, जिससे कंक्रीट की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित उपयंत्री की मिलीभगत से निर्माण कार्य में मनमानी की जा रही है। नियमित मॉनिटरिंग और तकनीकी निरीक्षण के अभाव में ठेकेदार को खुली छूट मिल गई है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में उदासीन नजर आ रहे हैं और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
मामले को और गंभीर बनाता है शासन के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी। नियमानुसार किसी भी शासकीय निर्माण कार्य के प्रारंभ से पहले निर्माण स्थल पर सूचना पटल लगाना अनिवार्य होता है, जिसमें कार्य का नाम, लागत, योजना, कार्य एजेंसी तथा प्रारंभ व पूर्णता की तिथि अंकित रहती है। लेकिन ग्राम पंचायत औराई में निर्माण स्थल पर सूचना पटल नहीं लगाया गया है। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और ग्रामीणों को यह तक पता नहीं चल पा रहा है कि ग्राम आरोग्य केंद्र कितनी लागत से और किस योजना के तहत बन रहा है।
गौरतलब है कि कलेक्टर द्वारा पहले ही स्पष्ट आदेश जारी किए जा चुके हैं कि बिना सूचना पटल लगाए किसी भी शासकीय निर्माण कार्य को प्रारंभ नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जिससे प्रशासनिक नियंत्रण और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना छुपाने के पीछे भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएगा, या यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही रूप में जनता तक पहुंच सके।
इनका कहना है—
“मैंने कुछ ही देर पहले ठेकेदार के उपयंत्री से बात की है, उसने काम सही होना बताया है। विभागीय उपयंत्री को भेजकर दिखवा रही हूं, जो भी गड़बड़ी होगी, उसमें सुधार कराया जाएगा।”
— सुरुचि परस्ते, उपयंत्री, स्वास्थ्य विभाग डिंडौरी